UPSC रिजल्ट को लेकर एक बार फिर से एक ही रैंक पर दो लोगों ने दावा किया है। गाजीपुर की प्रियंका चौधरी और हिमाचल प्रदेश के चंबा की प्रियंका चौधरी। दोनों ने रिजल्ट आने के बाद रैंक-79 पर अपना दावा किया है।
UPSC की ओर से जारी सूची के अनुसार एक रैंक केवल एक ही अभ्यर्थी को दी जाती है। समान नाम और अधूरी जानकारी के के कारण कई जगहों पर अलग-अलग प्रियंका चौधरी को इस रैंक से जोड़कर देखा जा रहा है।
बता दें कि गाजीपुर की प्रियंका चौधरी वर्तमान में प्रयागराज में जीएसटी विभाग में इंस्पेक्टर हैं। वहीं हिमाचल के चंबा की प्रियंका के पति 2015 बैच के आईएएस अफसर हैं। वह इस समय चंबा जिला कलेक्टर के पद पर हैं।
बता दें कि चार दिन पहले ही इसी तरह 301वीं रैंक पर गाजीपुर और बिहार की दो आकांक्षा सिंह ने एक ही रैंक पर दावा किया था। इसमें गाजीपुर, उत्तर प्रदेश की आकांक्षा सिंह (रोल नंबर 0856794) ही असली हकदार निकली। बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह का दावा गलत साबित हुआ है।
वहीं दूसरा मामला बुलंदशहर का है। जहां 113वीं रैंक पर बुलंदशहर की शिखा गौतम और दिल्ली की शिखा (हरियाणा कैडर, BDPO) के बीच विवाद सामने आया था। जांच में बुलंदशहर की शिखा का दावा गलत पाया गया, जबकि दिल्ली की शिखा असली हकदार निकलीं।
इसी तरह से UPSC रिजल्ट आने के बाद यह तीसरा दावा गाजीपुर की दो प्रियंका चौधरी का है। अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है कि कौन सी प्रियंका असली हकदार है।
पहला दावा गाजीपुर की प्रियंका चौधरी
गाजीपुर के जखनिया क्षेत्र के गौरा खास गांव प्रियंका चौधरी ने भी रैंक-79 पर दावा किया है। प्रियंका के पिता नीरा राम पिछले करीब 25 सालों से सरकारी विभाग में ड्राइवर रहे हैं। वर्तमान में तहसील के रिकॉर्ड रूम में नजारत पद पर तैनात हैं। रिजल्ट आने के बाद बेटी की सफलता पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा था- “अगर मौका मिला तो मैं अपनी बेटी की भी गाड़ी चलाने में गर्व महसूस करूंगा।”
गांव से BHU तक का सफर
प्रियंका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जखनियां के श्री महावीर सूर्योदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय से की है। इसके बाद उन्होंने शहीद इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट पूरा किया। आगे की पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी के लिए वह बीएचयू चली गईं।
एक साल में टूटा परिवार
पिछले साल उनके इकलौते भाई रितेश उर्फ गोल्डी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके कुछ समय बाद ही तीन महीने पहले उनकी मां शांति देवी क भी आकस्मिक निधन हो गया। प्रियंका की बड़ी बहन प्रीति चौधरी ने कहा था- “मुझे बहुत खुशी है कि मेरी छोटी बहन ने IAS परीक्षा क्रैक की है। जब घर में मुश्किल समय था, तब मैंने घर का काम संभाला ताकि वह पढ़ाई पर ध्यान दे सके। आज उसकी मेहनत का नतीजा सबके सामने है।
पिता बोले- बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज
प्रियंका के पिता नीरा राम भी बातचीत के दौरान भावुक हो गए। उन्होंने कहा- “मेरी जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। पत्नी की बीमारी और जवान बेटे की डेंगू से मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन मेरी बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। आज उनकी वजह से ही लोग मुझे पहचान रहे हैं।”
प्रयागराज में जीएसटी इंस्पेक्टर हैं प्रियंका चौधरी
गाजीपुर की प्रियंका चौधरी ने भौतिक विज्ञान में पीएचडी कर रही हैं। वर्तमान में वह जीएसटी विभाग में इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने बीएचयू से बीएससी, एमएससी और बीएड किया है। दिसंबर 2025 में इनका चयन जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर हो गया। वर्तमान में वह प्रयागराज में तैनात हैं।
दूसरा दावा हिमाचल की प्रियंका चौधरी
हिमाचल प्रदेश की प्रियंका चौधरी ने भी रैंक-79 पर दावा किया है। प्रियंका चौधरी मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर की निवासी हैं। प्रियंका के पति मुकेश रेप्सवाल वर्ष 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उनके पिता शंकर लाल सारण एक कारोबारी हैं, जबकि उनकी माता सोहिनी चौधरी गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
प्रियंका चौधरी को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। वह लगातार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। पहले प्रयास के दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए कोचिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने स्वयं अध्ययन और नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी तैयारी जारी रखी और अंततः सफलता प्राप्त की।
पति के साथ रहकर की तैयारी
बताया जा रहा है कि प्रियंका अपने पति मुकेश रेप्सवाल के साथ रहकर ही परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने पढ़ाई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए प्रतिदिन लगभग छह से आठ घंटे अध्ययन किया। उनकी इस मेहनत और अनुशासन का परिणाम अब सफलता के रूप में सामने आया है।
आईआईटी रुड़की से की पढ़ाई
प्रियंका ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की से भू-भौतिक प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत करती रहीं।
पति 2015 बैच के आईएएस अधिकारी
प्रियंका के पति मुकेश रेप्सवाल वर्ष 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 313वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान में वे एक वर्ष से अधिक समय से चंबा जिले में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं।