केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में जाति, भाषा और दूसरी बातों के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें की जा रही हैं, जो चिंता की बात है।
गडकरी मंगलवार को दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा,
आज पिछड़ापन एक राजनीतिक स्वार्थ बनता जा रहा है। हर कोई कह रहा है कि मैं पिछड़ा हूं। जाति और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें की जा रही हैं। देश तभी प्रगति करेगा और मजबूत बनेगा, जब लोग एकजुट रहेंगे।
गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कभी जातिवादी तो कभी सांप्रदायिक कहकर निशाना बनाया गया, लेकिन सच यह है कि संघ में किसी की जाति नहीं पूछी जाती और न ही वहां भेदभाव या छुआछूत की कोई जगह है।
गडकरी की अपील- जाति-भाषा की राजनीति से दूर रहें
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने लोगों से अपील की कि वे जाति-भाषा के नाम पर होने वाली राजनीति से दूर रहें और देश की एकता व विकास के लिए मिलकर काम करें।
गडकरी के पिछले 5 बयान
13 सितंबर – मेरा दिमाग ₹200 करोड़ प्रतिमाह का है
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 13 सितंबर को नागपुर के एक कार्यक्रम में एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर आलोचनाओं का जवाब दिया। गडकरी ने कहा- मेरा दिमाग ₹200 करोड़ प्रति माह का है। मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है। मुझे पता है कि पैसे कहां से ईमानदारी से कमाना है।
1 सितंबर-धर्म के काम से मंत्री-नेताओं को दूर रखें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1 सितंबर को लोगों से अपील की कि वे धर्म-काज से मंत्री-नेताओं को दूर रखें। धर्म की आड़ में राजनीति समाज के लिए नुकसानदायक है। गडकरी नागपुर में महानुभाव पंथ के सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञ जहां घुसते हैं, आग लगाए बिना नहीं रहते। सत्ता के हाथ में धर्म को देंगे तो नुकसान ही होगी।
9 अगस्त- दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में स्थित विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VNIT) में कहा है कि देश में अभी जिन विषयों पर चर्चा हो रही, मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता। विश्व में हम अनेक तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि दुनिया झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए।
14 जुलाई- गडकरी बोले-ऐसे लोगों की जरूरत जो सरकार पर केस करें
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘समाज में कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ केस दाखिल कर सकें। अगर सिस्टम में अनुशासन चाहिए तो सरकार के खिलाफ अदालत का सहारा लेना जरूरी है।’ उन्होंने कहा- कई बार अदालत का आदेश ऐसे काम भी करवा देते हैं, जो सरकार नहीं करवा पातीं।
15 मार्च- जो करेगा जात की बात, उसको मारूंगा लात
गडकरी ने एक अल्पसंख्यक संस्थान के दीक्षांत समारोह में कहा, ‘मैं धर्म और जाति की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करता। जो करेगा जात की बात, उसको लात मारूंगा। समाज सेवा मेरे लिए सबसे ऊपर है। चाहे चुनाव हार जाऊं या मंत्री पद चला जाए, अपने इस सिद्धांत पर अटल रहूंगा।