अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पिछले कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) रहे जॉन बोल्टन पर गोपनीय जानकारी के गलत इस्तेमाल और लीक करने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। बोल्टन पर राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ी जानकारी शेयर करने के 8 और गोपनीय दस्तावेज अपने पास रखने के 10 आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉन बोल्टन ने ट्रम्प प्रशासन में काम करते वक्त अपनी गतिविधियों के नोट्स और डायरी एंट्रीज AOL ईमेल अकाउंट में सेव की थीं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इन नोट्स में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील बातें शामिल थीं, जिन्हें उन्होंने खुद को और परिवार को मेल किया था। 76 साल के बोल्टन अगर दोषी पाए गए तो उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
2021 में बोल्टन का ईमेल अकाउंट ईरानी हैकर्स ने हैक कर लिया था। हैकर्स ने धमकी दी थी कि अगर बोल्टन के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे यह जानकारी लीक कर देंगे, जैसे 2016 में हिलेरी क्लिंटन के ईमेल लीक हुए थे।
बोल्टन ने ट्रम्प के खिलाफ भारत का समर्थ किया था
बोल्टन ने अगस्त में CNN को दिए एक इंटरव्यू में भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाने के फैसले को ‘भारी भूल’ बताया था। उन्होंने ने आशंका जाहिर की है कि रूस को कमजोर करने के लिए भारत पर लगाया गया एक्स्ट्रा टैरिफ कहीं उल्टा न पड़ जाए।
उन्होंने कहा था कि अमेरिका, भारत को रूस और चीन से दूर रखने के लिए कई साल से कोशिश कर रहा था लेकिन अब वह कोशिश कमजोर पड़ चुकी है।
इसके अलावा बोल्टन ने पिछले महीने कहा था कि ट्रम्प और पीएम मोदी के बीच पहले की खास दोस्ती अब खत्म हो चुकी है।
ब्रिटिश मीडिया LBC को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने ट्रम्प की नीति की आलोचना करते हुए कहा, ‘व्हाइट हाउस ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे मोदी रूस और चीन के करीब आ गए हैं। चीन ने खुद को अमेरिका और ट्रम्प के विकल्प के रूप में पेश किया है।’
ट्रम्प ने बोल्टन को बुरा आदमी बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने बोल्टन पर आरोप तय होने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो बुरा आदमी, जैसा करोगे वैसा भरोगे।
बोल्टन ट्रम्प प्रशासन में 2018 से 2019 तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे। दोनों के बीच कई मतभेद रहे। बोल्टन ने इस्तीफा देने के बाद ट्रम्प पर तीखे आरोप लगाए और किताब लिखी, जिसे ट्रम्प ने चुनाव से पहले रोकने की कोशिश की थी।
पहली जांच 2021 में बंद हुई थी, लेकिन अब मामला फिर से खोला गया है। केस अब फेडरल कोर्ट में चलेगा।
बाइडेन सरकार में दोबारा जांच शुरू हुई
बोल्टन के खिलाफ दूसरी बार जांच की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में हुई थी। FBI ने 2022 में बोल्टन के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की थी। घर की तलाशी में कई प्रिंटेड गोपनीय दस्तावेज मिले थे।
हालांकि, बोल्टन के पास व्हाइट हाउस में रहते वक्त भी अपने घर में ही एक सीक्रेट कंपार्टमेंट (SCIF) था, जहां गोपनीय दस्तावेज रखने की इजाजत थी।
लेकिन 2019 में जब यह सुविधा हटा दी गई। तब उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे अब कोई भी क्लासिफाइड जानकारी घर या ईमेल में नहीं रखें।
बोल्टन का आरोप- ट्रम्प बदला ले रहे
बोल्टन ने आरोपों को बदले की कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रम्प के आलोचकों को डराने का तरीका है, मैं अपने खिलाफ लगे झूठे आरोपों का कानूनी तौर पर जवाब दूंगा।
बोल्टन के वकील का कहना है कि यह मामला पहले ही निपट चुका था। वकील ने कहा कि डायरी रखना अपराध नहीं है और ये दस्तावेज FBI के रिकॉर्ड में पहले से दर्ज थे।
बोल्टन ने कहा,
मैंने 40 साल अमेरिका की सुरक्षा नीति के लिए काम किया है। ट्रम्प ने पहले मेरी किताब द रूम व्हेयर इट हैप्पंड को रोकने की कोशिश की थी। अब इस केस के जरिए वे मुझे निशाना बना रहे हैं।
डायरी से किताब बनाना चाहते थे बोल्टन
जांच में सामने आया कि बोल्टन अपने दो परिजनों के साथ मिलकर अपनी डायरी को किताब का रूप देना चाहते थे। उनके संदेशों से पता चलता है कि वे संवेदनशील सरकारी जानकारी अपने नोट्स में शामिल कर रहे थे।
बोल्टन की यह डायरी बाद में उनकी किताब द रूम व्हेयर इट हैप्पंड (2020) की नींव बनी। इस किताब में ट्रम्प प्रशासन के कड़ी आलोचना की गई है।