बाड़मेर में जमीन विवाद पर रोका अंतिम संस्कार:लोगों का फूटा आक्रोश, सड़क पर शव रखकर साढ़े 4 घंटे किया प्रदर्शन

बाड़मेर में रविवार रात एक युवक का शव लेकर उसके परिजन व कालबेलिया समाज के लोग मुख्य सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। मौके पर एडीएम, एएसपी, समेत चारों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।

परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से श्मशान भूमि पर अंतिम संस्कार करते आए। लेकिन अब वन विभाग ने जमीन की बाउंड्री करवाकर बंद कर दी। अंतिम संस्कार नहीं होने दे रहे है। मामला बाड़मेर शहर शास्त्री नगर मार्ग के पास रविवार रात करीब 10 बजे का है।

प्रशासन की ओर से करीब 1 घंटे तक बार-बार समझाइश की गई, लेकिन विरोध प्रदर्शन चलता रहा। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी रात को मौके पर पहुंचे, बातचीत के बाद शव अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनी। एडीएम ने कहा- श्मशान भूमि को लेकर विवाद था, फिलहाल वन विभाग की जमीन पर अंतिम संस्कार करवा दिया है। उनको शहर के आसपास सरकारी भूमि जल्द आवंटित की जाएगी

प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस

दरअसल, जोगियों की दड़ी निवासी दमाराम (25) पुत्र करनाराम बाड़मेर हॉस्पिटल में भर्ती था। रविवार शाम को करीब 5 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार के लोग लंबे समय से कालबेलिया समाज की ओर से किए जाने वाले श्मशान घाट पर पहुंचे। लेकिन वहां पर वन विभाग की जमीन होने के कारण चारदीवारी करके पौधारोपण कर दिया गया। परिवार व समाज के लोग शव लेकर पहुंचे तो जगह को लेकर विवाद हो गया। परिवार के लोग जहां अंतिम संस्कार करने की बात कर रहे थे। वहां पर वन विभाग ने मना कर दिया। करीब दो घंटे तक बॉडी को वहीं पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

वन विभाग के रेंजर ने कहा कि इस वन विभाग की जमीन पर पौधारोपण किया हुआ है। यहां पर अंतिम संस्कार न करके वन विभाग की दूसरी जमीन पर अंतिम संस्कार कर दें। लेकिन समाज व परिवार के लोग यहां पर करवाने की जिद पर अड़े रहे।

आक्रोशित लोग शव कलेक्ट्रेट के लिए लेकर हुए रवाना

आक्रोशित परिजन व समाज के लोग जोगियों की दड़ी से बॉडी लेकर पैदल ही रवाना हो गए। कलेक्ट्रेट की तरफ ले जाने लगे। तब पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी एक्टिव हुए। शास्त्री नगर की तरफ जाने वाले मार्ग, चौहटन रोड पर प्रशासन ने रुकवा दिया। इस दौरान एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत, एएसपी जसाराम बोस, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा, तहसीलदार हुकमीचंद, ग्रामीण थानाधिकारी राजूराम बामणिया, सदर थानाधिकरी सुमेरसिंह, महिला थानाधिकारी मुकनदान और कोतवाल मय पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा। वहीं सड़क पर जाम की स्थिति बन गई।

विधायक के घर से 100 मीटर शव रखकर प्रदर्शन

परिवार व समाज के लोग प्रशासन के रोकने पर बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी के घर से महज 100 मीटर दूर शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए। प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने करीब 1 घंटे तक उनको समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग लिखित में भूमि आवंटन करवाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस व धरणार्थियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

शिव विधायक पहुंचे धरने पर

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, पूर्व विधायक मेवाराम जैन, सभापति दीपक माली रात को करीब साढ़े 10 बजे धरने पर पहुंचे। वहां पर लोगों व प्रशासन से बातचीत की। भाटी ने लोगों को समझाते हुए बॉडी को गाड़ी में शिफ्ट करवाया गया। फिर लोगों को आश्वासन दिया कि अभी जहां आप चाहे रहे वहां पर अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। वहीं प्रशासन से बात करके जल्द ही आपको जमीन आवंटित की जाएगी। इसके बाद परिजन मानें ओर जोगियों की दड़ी वन विभाग की जमीन पर पहुंचे। वहां पर प्रशासन व विधायक समेत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करवाया गया।

भाटी बोले- अंतिम संस्कार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है

शिव विधायक बोले- मेरी जानकारी आने पर मैं मौके पर पहुंचा। मैंने पहले भी विधानसभा में इन समाज के लिए रहने के लिए जमीन आवंटन करने की मांग उठाई थी। लेकिन इन लोगों को आज अंतिम संस्कार के लिए संघर्ष करना पड़ा। मैंने परिजनों ओर समाज से बातचीत की, इसके बाद इन्होंने मेरी बात रखते हुए बॉडी को अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। प्रशासन के साथ मैं अंतिम संस्कार करवाने के लिए वहां पर पहुंचा। रात को करीब 12 बजे अंतिम संस्कार करवाया गया।

अंतिम संस्कार को लेकर विवाद को करवाया शांत

एडीएम राजेंद्रसिंह चांदावत ने बताया- नाथ समाज के दमाराम की बीमारी से डेथ हो गई थी। बॉडी दफनाने को लेकर घटनाक्रम चला था। काफी लंबे समय से वन विभाग की जमीन पर अंतिम संस्कार करते आ रहे है। वर्तमान समय में वन विभाग ने चार दीवारी और पौधारोपण कर दिया है। वन विभाग ने दूसरी जगह पर जमीन चिन्हित कर दफनाने के लिए कहा गया था। लेकिन यह लोग इसी जगह पर दफनाने की मांग पर अड़े गए थे। इसी बात को लेकर विवाद बना। समझाइश कर अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग की जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत आवंटन नहीं हो सकता है। शहर के आसपास जो भी उपयुक्त जमीन है, उसमें तहसीलदार, एसडीएम को भी साथ ले लिया है। आज इनकी एक बैठक बुला दी गई है। जगह चिह्नित कर जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

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