श्रेयस अय्यर ICU से बाहर, हालत में लगातार सुधार:कुछ दिनों में छुट्टी मिल सकती है, सिडनी अस्पताल में इलाज जारी; परिवार जल्द ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगा

श्रेयस अय्यर सिडनी अस्पताल के ICU से बाहर आ गए हैं। उनकी हालत में सुधार हो रहा है और तबीयत स्थिर बनी हुई है। BCCI ने टीम के डॉक्टर को उनकी बारीकी से निगरानी के लिए नियुक्त किया है। अगले कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

BCCI से जुड़े एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि श्रेयस को ICU से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी स्थिति अब स्थिर है, हालांकि अस्पताल से डिस्चार्ज होने में कुछ दिन और लग सकते हैं। श्रेयस के परिवार के सदस्य जल्द ही सिडनी पहुंचेंगे, ताकि वे उनके साथ रह सकें और रिकवरी के दौरान उनकी देखभाल कर सकें।

श्रेयस तीसरे वनडे में चोटिल हुए थे सिडनी में तीसरे वनडे (25 अक्टूबर) के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले बैटिंग कर रही थी। टीम ने 33.3 ओवर में 3 विकेट पर 184 रन भी बना लिए थे। इसी बीच, हर्षित राणा के ओवर की चौथी गेंद पर इनसाइड आउट शॉट खेलने की कोश‍िश में एलेक्स कैरी ने बॉल को मिस टाइम कर दिया। श्रेयस तब बैकवर्ड पॉइंट पर फील्डिंग कर रहे थे। उन्होंने फुर्ती दिखाई और पीछे की तरफ दौड़ लगाकर शानदार कैच लपक लिया।

हालांकि, पीछे की तरफ दौड़कर गेंद को पकड़ने में उनका बैलेंस नहीं बना। वे बॉल पकड़ने के बाद दो-तीन पलटी खा गए। इसी बीच, उनकी बाईं पसली में चोट लग गई।

श्रेयस को पूरी तरह फिट होने में समय लगेगा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चोट के बाद अंदरूनी ब्लीडिंग हुई, इसलिए उन्हें पूरी तरह फिट होने में ज्यादा समय लगेगा। लिहाजा इस समय कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में उनकी वापसी के लिए कोई निश्चित टाइमलाइन बता पाना मुश्किल है।

श्रेयस (31) को भारत वापस जाने के लिए फिट घोषित किए जाने से पहले कम से कम एक हफ्ते तक सिडनी के अस्पताल में रहना होगा। वे फिलहाल भारतीय टी-20 टीम का हिस्सा नहीं हैं।

अगले कुछ दिन श्रेयस के साथ सिडनी में ही रहेंगे BCCI ने सोमवार (27 अक्टूबर) को बताया- स्कैन में पता चला कि उनके स्प्लीन (तिल्ली या प्लीहा) में चोट लगी है। उनका इलाज चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है और वे ठीक हो रहे हैं। हमारी मेडिकल टीम, सिडनी और भारत के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों से सलाह लेकर अय्यर की चोट पर बारीकी से नजर रख रही है। भारतीय टीम के डॉक्टर अगले कुछ दिन श्रेयस के साथ सिडनी में ही रहेंगे, ताकि उनकी रोजाना की प्रोग्रेस का पता चल सके।

रिपोर्ट के मुताबिक, उनके माता-पिता का वीजा करवाया जा रहा है, जिससे वे उनसे मिल सकें।

कुली की शूटिंग में अमिताभ को भी स्प्लीन में चोट लगी थी

फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन को भी स्प्लीन में चोट लगी थी। दैनिक भास्कर ने हार्वर्ड मेडिकल कॉलेज के डॉ. राम उपाध्याय से अय्यर को लगी चोट के बारे में बात की और जाना कि उनकी चोट किस तरह की है और उसका क्या इलाज है।

सवाल- स्प्लीन का क्या काम होता है, ये चोट घातक है? जवाब- मुट्‌ठी के आकार का ये अंग पसलियों के नीचे बाईं ओर होता है। इसका काम खून को साफ करना और संक्रमण से बचाना होता है। 1982 में कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन को भी स्प्लीन इंजरी हुई थी। अमिताभ की कई सर्जरी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन हुए थे।

सवाल- स्प्लीन में चोट लगने के क्या लक्षण होते हैं? जवाब- स्प्लीन में चोट बाहर से दिखाई नहीं पड़ती। अंदरूनी रक्तस्राव के कारण बेहद तेज दर्द होता है। जी मिचलाना, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ जाती है।

सवाल- स्प्लीन में चोट लगने का उपचार क्या होता है? जवाब- पहले डॉक्टर दवा और बेड रेस्ट से टिश्यू के रिपेयर होने का इंतजार करते हैं। फिर चोटिल टिश्यू की सर्जरी का विकल्प होता है। आखिरी उपाय स्प्लीन को निकालना है। स्प्लीन रिमूवल से हमेशा संक्रमण का खतरा रहता है।

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