श्रीगंगानगर के ब्लूमिंग डेल्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘शिवोत्सव’ कार्यक्रम में रविवार देर शाम को आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर पहुंचे। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक की इस महासत्संग में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों से उमड़े हजारों भक्तों ने प्रवचन सुने, भजन गाए और बच्चों के ‘इंट्यूशन’ डेमो से रोमांचित हुए। साथ ही युवाओं को तनाव मुक्ति, सकारात्मक सोच और नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई।
स्कूल परिसर में शाम होते-होते भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई। श्रीश्री रविशंकर ने मंच पर आते ही माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं, कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के बच्चों ने ‘अंतर्ज्ञान’ (इंट्यूशन) का लाइव डेमो देकर सबको हैरान कर दिया। रविशंकर ने जीवन के पांच अहम पॉइंट्स बताए। उन्होंने कहा- जीवन जीने की कला के लिए ये पांच प्वाइंट जरूरी हैं।
- पहला- उतार-चढ़ाव पर कंट्रोल- जीवन की उलझनों में मन की क्षमता मजबूत रखें।
- दूसरा- स्वीकार करें जैसा है- सबको अपने जैसे बनाने की जिद छोड़ें। जो जैसा है, उसे वैसा स्वीकारें। हर आदमी अपने जैसा नहीं होता।
- तीसरा- विचलित न हों- किसी की बातों से डिगे नहीं।
- चौथा- क्षमा और आगे बढ़ें- दूसरों की गलतियां माफ कर भूल जाएं।
- पांचवां- वर्तमान में जिएं- पुरानी बातों से परेशान न हों, अभी का मजा लें।
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि जीवन में शक्ति, मुक्ति, युक्ति व भक्ति जरूरी है। इनके बिना जीवन अधूरा है।
- मुक्ति- खुद को मुक्त महसूस करो, तभी प्रेम में डूबोगे। जीवन को बड़े नजरिए से देखो, अंदरूनी ताकत आएगी। इतना मजबूत बनो कि कोई तुम्हारी स्माइल छीन न सके।
- भक्ति- प्रेम और भक्ति न हो तो जीवन बेस्वाद होता है। न खुद रस मिले, न दूसरों को दे सको।
- शक्ति- संघ में मिलकर काम करो, रिजल्ट कमाल का होगा। क्योंकि, संघ में शक्ति होती है।
- युक्ति- लक्ष्य पाने के लिए दृढ़ रणनीति अपनाओ।
श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि रिसर्च में सामने आया है- सुदर्शन क्रिया से इम्यूनिटी पावर 5 गुना बढ़ जाती है।इसलिए रोज प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया, ध्यान, योग और मेडिटेशन जरूर करें।