मथुरा में बांके बिहारी मंदिर हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की आठवीं बैठक हुई। बैठक में 14 पॉइंट पर चर्चा की गई। जिसमें सबसे अहम चर्चा बांके बिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रित करने को लेकर हुई।
कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश हाई कोर्ट अशोक कुमार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए चर्चा की गई है। इसके लिए सबसे पहले लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाएगी। लाइव स्ट्रीमिंग के लिए 2 कंपनी आई थी। जिसमें से सुयोग्य मीडिया को चयनित किया है।
यह कंपनी खुद के खर्चे पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था करेगी। उम्मीद है होली तक लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिससे भक्त घर बैठे दर्शन कर सकेंगे और भीड़ नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। बैठक गुरुवार को अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में शहीद लक्ष्मण सभागार में संपन्न हुई।
मंदिर आंगन में लग सकती है रेलिंग
बैठक में मंदिर के सेवायत और कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा- भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर परिसर स्थित आंगन में रेलिंग लगाई जाए। कोविड-19 के दौरान मंदिर के आंगन में फर्श कराई गई थी। इस दौरान 40-50 फीट गहराई तक पाइलिंग कराई गई। IIT रुड़की के सर्वे में इसे मजबूत बताया गया। टीम ने रेलिंग कराने की सहमति भी दे दी थी। अब इस सुझाव पर कमेटी सदस्यों ने जल्द विचार करने के लिए कहा।
गोलक खोलते समय नहीं रहेंगे वकील मौजूद
अक्टूबर तक मंदिर में गोलक (दानपात्र) खोलने की प्रक्रिया पहले की तरह चल रही थी। जिसमें गोलक खुलने के समय बैंक स्टाफ, मंदिर कर्मियों के अलावा मथुरा मुंसिफ कोर्ट द्वारा निर्धारित 4 वकील मौजूद रहते थे। गुरुवार देर शाम हुई मीटिंग में तय किया गया कि अब गोलक खुलने के समय कोई एडवोकेट नहीं रहेंगे।
इससे उनको दिए जाने वाले अनुदान की बचत होगी। नबंवर में अब जब गोलक खुलेंगी, उस समय मंदिर सेवायतों में से एक पर्यवेक्षक के रूप में रहेंगे। इसके अलावा बैंक स्टाफ गोलक में आई धनराशि की गिनती करेगा।
बांके बिहारी जी का प्राकट्य उत्सव भव्यता से मनाया जाए
बैठक में तय किया गया कि बांके बिहारी जी का प्राकट्य उत्सव भव्यता से मनाया जाए। पिछले वर्ष शोभायात्रा और मंदिर पर की गई सजावट पर 4 लाख 60 हजार रुपए खर्च किए गए थे। इस बैठक में तय किया कि इस बार 7 लाख रुपए खर्च किये जाएंगे। जिससे उत्सव में कोई कमी न रहे।
सफाई व्यवस्था के लिए खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण
कमेटी के कार्यालय में हुई मीटिंग में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए गए। जिसके बाद तय किया गया कि ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर के परिसर की सुव्यवस्थित सफाई व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
इसके लिए प्रेशर मशीन, वैक्यूम क्लीनर, फ्लोर क्लीनिंग मशीन और अन्य उपकरण खरीदने और उनका उपयोग करने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम अस्थाई कर्मचारियों की व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसी को पेमेंट के नाम पर हुई वित्तीय अनियमितता
बैठक में मंदिर के लेखा-जोखा रखने के लिए एक एकाउंटेंट रखने पर विचार किया गया। जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जाता दी। कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश हाई कोर्ट अशोक कुमार ने बताया कि कमेटी ने डेढ़ महीने पहले सीए फर्म की नियुक्ति की थी।
वाई के गुप्ता एण्ड कम्पनी चार्टर्ड एकाउटेंट द्वारा किए गए मंदिर के ऑडिट में वित्तीय अनियमितता की तरफ इशारा किया। जिसमे मुख्य रूप से सुरक्षा कर्मचारियों को किए गए पेमेंट से जुड़ा है।
उन्होंने बताया कि एक वर्ष में एक करोड़ तो दूसरे वर्ष में पौने 2 करोड़ खर्च दिखाए गए हैं। इतना चेंज क्यों आया, इस पर फर्म से डिटेल मांगी है। जिसके बाद पूर्व प्रबंधन से इस बारे में जानकारी की जाए।
लाइव स्ट्रीमिंग से भीड़ नियंत्रण में मिलेगी सहायता
कमेटी के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायधीश हाई कोर्ट अशोक कुमार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए चर्चा की गई। इसके लिए सबसे पहले लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाएगी। लाइव स्ट्रीमिंग के लिए 2 कंपनी आई थी। जिसमें से सुयोग्य मीडिया को चयनित किया है।
यह कंपनी खुद के खर्चे पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था करेगी। उम्मीद है होली तक लाइव दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जिससे भक्त घर बैठे दर्शन कर सकेंगे और भीड़ नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।
मंदिर के चबूतरे से हटाया जाएगा अतिक्रमण
मीटिंग में बताया गया कि मंदिर के चबूतरे पर गेट नं-1, 2 व 3 के पास रैन बसेरा, कमरे व दुकानों के द्वारा हुए अतिक्रमित स्थल को खाली कराया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर के आसपास मौजूद भवनों, दुकानों को कैसे व्यवस्थित किया जाए। इसके लिए रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा के नेतृत्व में बनाई समिति विचार विमर्श कर निर्णय लेगी।
यह समिति मंदिर के आस-पास श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत विकास किए जाने के लिए भवन,संपत्तियों को क्रय किये जाने की प्रक्रिया एवं भवन, संपत्तियों के स्वामित्व निर्धारण, प्रक्रिया, स्वामियों को दिए जाने वाले क्रय मूल्य एवं भवन स्वामियों, किरायेदारों के लिए देय धनराशि के संबंध में चर्चा करेगी।
यह रहे मौजूद
बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और कमेटी सदस्य विकास कुमार, मुंसिफ -सिविल जज श्रीमती शिप्रा दुबे, जिला मजिस्ट्रेट और कमेटी सचिव चन्द्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त मथुरा-वृन्दावन नगर निगम जग प्रवेश, उपाध्यक्ष मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण श्याम बहादुर सिंह।
अधीक्षण पुरातत्वविद् भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण आगरा डॉ स्मिता एस कुमार, गोस्वामी राजभोग समूह से शैलेन्द्र गोस्वामी,श्रीवर्धन गोस्वामी शयन भोग समूह से दिनेश कुमार गोस्वामी,विजय कृष्ण गोस्वामी (बब्बू) उपस्थित रहे।