हरियाणा DGP बोले- दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बीच मिली कमान:50 दिन में ठिकाने पहुंचाए बदमाश; जनता से अपील- पुलिस कर्मियों को दें जादू की झप्पी

हरियाणा DGP ओपी सिंह ने प्रदेश के लोगों के नाम एक संदेश दिया है। इसमें उन्होंने अपने पूरे जीवन का स्मरण करते हुए लिखा है कि हरियाणा में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बीच राज्य पुलिस प्रमुख बनने का अवसर मिला। बड़ा ओहदा मिला तो बंद कमरे में मीटिंग-मीटिंग नहीं खेला, बल्कि फील्ड में उतरा। 50 दिन में या तो बदमाश जेल में हैं या फिर पैर सिर पर लेकर घूम रहे हैं।

डीजीपी ने साथ ही लिखा कि पुलिस जवान दिन-रात सेवा करते हैं, इसलिए आप भी कृतज्ञ नागरिक बनिए। उन्हें जादू की झप्पी जरूर दीजिए।

DGP के खुले पत्र की 5 अहम बातें.. 1. जहां से आया, वहां सरकार नदारद थीं : मैं जिस भू और कालखंड से आया हूं, वहां उस समय सरकारें नदारद थीं। भले की तो भूल जाइए, बुरे में भी बुरे से बुरा हो जाने के बाद पहुंचती थी। वो भी एक अतिरिक्त समस्या बनकर। इनके गाली-गलौच के शौक और लूट-बेगार के जुनून से बचने के लिए एक दैवीय कृपा से कम से काम चलने का मतलब ही नहीं होता था। बदमाशों का कुछ नहीं बिगड़ता, भलों के लिए इज्जत बचानी मुश्किल होती थी।

2. अब मैं खुद सरकार, समाधान बनने की ठानी : अब जब मैं खुद ही सरकार था तो पहले ही दिन ठान लिया कि समाधान बनूंगा। जिले ओर रेंज में मातहतों को कहता रहा कि लोगों पर तरस खाओ। हजारों साल गुलामी के बाद पहली बार राहत की सांस ले रहे हैं। गलती ओर बेवकूफी के लिए माफ करो। बदमाशी और ठगी के लिए बेशक रगड़ दो। 3. 50 दिन में बदमाश पहुंच चुके जेल : हरियाणा में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बीच राज्य पुलिस प्रमुख बनने का अवसर मिला। बड़ा ओहदा मिला तो बंद कमरे में मीटिंग-मीटिंग नहीं खेला बल्कि फील्ड में उतरा। 50 दिन में या तो बदमाश जेल में हैं या फिर पैर सिर पर लेकर घूम रहे हैं। मीडिया के माध्यम से जो जैसा था, उसे वैसा ही कहा।

4. प्रजातंत्र में आलोचकों की फौज : एक दुपहिया और चौपहिया को लेकर बयान दिया तो इस पर सवार होकर इतराने वालों को बड़ी अखरी। प्रजातंत्र है तो आलोचकों की भारी-भरकम फौज भी होगी। लेकिन चेले-चपाटे जो टाकिंग पाइंट बनाते हैं, उन्हें कहें कि वे शोध करके आएं। बेसिर-पैर की हांकते हैं।

5. कृतज्ञ नागरिक बनिए : पुलिस के जवान अकेले हैं, जो बदमाशों से खुले आम दिन-रात बिना डरे-थके लड़ते हैं। घर अकेले जाते हैं। अकेले सोते हैं, कोई सुरक्षा का घेरा उनके लिए नहीं होता। ये अपना ख्याल खुद रख सकते हैं। फिर भी एक कृतज्ञ नागरिक बनाए। लोगों के लिए जान अड़ाने वाले जवानों को एक जादू की झप्पी दें।

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