अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में नया विवाद सामने आया है। यहां राजनीति विज्ञान विभाग की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने आरोप लगाया कि वे 27 सालों से सिर्फ हिंदू होने की वजह से उत्पीड़न झेल रही हैं। सारी तकलीफें सहकर काम करती रहीं। इस दौरान उनका मिसकेरेज (गर्भपात) हो गया।
उन्होंने कहा- डीन प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी कहते हैं कि हिंदू टीचर जानबूझकर मुस्लिम बच्चों को नहीं पढ़ाते हैं। तुम हिंदू हो, बीएचयू में चली जाओ। अब मेरे पास सिर्फ कानूनी कार्रवाई का ही विकल्प बचा है। जल्द ही सार्वजनिक रूप से पूरे मामले का खुलासा कर FIR कराऊंगी।
फिलहाल, प्रोफेसर ने कुलपति को शिकायत सौंपी है। इसमें उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी दिए हैं। अब मामले की जांच शुरू हो गई है।
प्रोफेसर की जुबानी, 6 पॉइंट में पूरा मामला जानिए
1- 1998 में लेक्चरर बनीं, तभी से शुरू हुआ उत्पीड़न
प्रो. रचना कौशल का कहना है- मेरी नियुक्ति 1998 में बतौर लेक्चरर हुई। कुछ समय बाद ही विभाग में मेरे साथ भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया। उस वक्त मैंने सोचा नहीं था कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में मेरी धार्मिक पहचान मेरे खिलाफ इस्तेमाल की जाएगी।
मेरी शादी डॉ. डीके पांडेय से हुई थी। वह भी AMU के जेएन मेडिकल कॉलेज में सीनियर प्रोफेसर थे। 2004 में मैं गर्भवती थी और जुड़वां बच्चों की उम्मीद कर रही थी, लेकिन इसके बावजूद मुझे लगातार मानसिक दबाव और काम के लिए बुलाया जाता रहा।
सारी तकलीफें सहकर भी काम किया, लेकिन दुर्भाग्य से मेरा मिसकेरेज (गर्भपात) हो गया। उस दर्द को मैं कभी नहीं भूल सकती। बाद में 2012 में मेरे पति की भी मौत हो गई।
2- डीन कहते हैं, ‘तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ’
प्रोफेसर कहती हैं- डीन मुझसे कहते हैं कि तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ। वहां मुस्लिम बच्चों का एडमिशन तो दूर, उनके फॉर्म तक फेंक दिए जाते हैं। यह टिप्पणी न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से अपमानजनक है, बल्कि संविधान और विश्वविद्यालय के सेक्युलर मूल्यों पर सीधा हमला है।
मैंने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वीसी प्रो. नईमा खातून को सौंपी है। इसमें डीन कहते रहे हैं कि हिंदू शिक्षक सम्मेलनों में जाते हैं, लेकिन कौन जानता है वहां क्या करते हैं, हिंदू शिक्षक मुस्लिम छात्रों को जानबूझकर नहीं पढ़ाते। ऐसी भाषा किसी भी शिक्षक, वह भी डीन जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अस्वीकार्य है।
3- डीन मेरी छवि खराब कर रहे…
प्रोफेसर रचना कौशल ने बताया- मई 2025 में जब मैं अपनी बेटी के दीक्षांत समारोह के लिए अमेरिका गई, उसी दौरान बोर्ड ऑफ स्टडीज (BoS) की बैठक बुलाई गई। एजेंडा जानबूझकर देर से भेजा गया। लिखित अनुरोध के बावजूद ऑनलाइन मीटिंग का लिंक नहीं दिया।
जबकि मैं BoS की वैधानिक सदस्य हूं। NHRC के मानवाधिकार प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुझे वरिष्ठता और विषय विशेषज्ञता के बावजूद संयोजक नहीं बनाया गया। इसके बजाय एक जूनियर शिक्षक को यह जिम्मेदारी दे दी गई, जिसे इस फील्ड का अनुभव तक नहीं है। डीन सार्वजनिक रूप से मेरी नियुक्ति को अवैध बताकर मेरी छवि खराब कर रहे हैं।
4- डीन का आचरण विभाग को भय-तनाव की ओर ले जा रहा…
प्रोफेसर कहती हैं- मेरे पास अपनी नियुक्ति से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। खुद डीन की प्रोफेसर पद पर नियुक्ति नियमों के अनुरूप नहीं है। उल्टा मुझे ही विभाग का माहौल खराब करने वाला बताया जा रहा है, जबकि असल में डीन का आचरण ही विभाग को भय, तनाव और साम्प्रदायिकता की ओर ले जा रहा है। मेरे बहुत सारे मुस्लिम मित्र हैं, लेकिन डीन सांप्रदायिक माहौल बना रहे हैं।
5- षड्यंत्र के तहत मेरा प्रमोशन नहीं किया गया…
प्रोफेसर रचना कौशल ने बताया- षड्यंत्र के तहत मेरा प्रमोशन नहीं किया गया। 2015 में सिलेक्शन कमेटी बनी, जिसमें मेरी पूरी योग्यता होने के बाद भी मुझे अयोग्य करार दिया गया। जो उसके लायक नहीं थे, उनका प्रमोशन कर दिया गया। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। वहां से आदेश होने के बाद AMU प्रशासन ने मेरा प्रमोशन किया।
6- AMU से न्याय नहीं मिला तो FIR कराऊंगी
प्रोफेसर का कहना है- मैं सितंबर 2025 में वीसी से मिलकर शिकायत और सभी साक्ष्य दे चुकी हूं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उल्टा डीन ही आरोप लगा रहे हैं और उसकी कॉपी भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। अब केवल कानूनी कार्रवाई का ही विकल्प बचा है।
जल्द ही सार्वजनिक रूप से पूरे मामले का खुलासा कर FIR कराऊंगी। मेरी कुलपति से मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए और प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी को विभागाध्यक्ष/डीन पद से हटाया जाए, ताकि AMU में सभी शिक्षकों को धर्म से ऊपर उठकर समान सम्मान और अवसर मिल सकें।
AMU के डीन बोले- मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद
इस मामले में AMU के डीन, प्रोफेसर मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी का कहना है कि प्रोफेसर रचना को कुछ नाराजगी है। उन्होंने वीसी से भी इसकी शिकायत की है। उन्होंने मेरे ऊपर जो भी आरोप लगाए हैं, वो बेबुनियाद हैं।