कहते हैं कि शॉर्टकट हमेशा खतरनाक होता है, और यही सच साबित हुआ रेवाड़ी में राजस्थान के उन युवाओं के लिए, जिन्होंने रातों-रात अमीर बनने के सपने देखे। शहर के ऐतिहासिक बड़देव मंदिर (रायपुर) में हुई चोरी की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसका मास्टरमाइंड महज 18 साल का एक युवक है।
रेवाड़ी के बड़देव मंदिर में चोरी का मास्टरमाइंड 11वीं कक्षा पास 18 साल का मोहित है। उसने लग्जरी जीवन जीने की चाहत में चोरी से रुपए जुटाने का शॉर्टकट चुना। सबसे पहले रेवाड़ी के गांव रायपुर के ऐतिहासिक बड़देव मंदिर को चुना। कुछ दिन पहले बावल की कंपनी में नौकरी जॉइन करने वाले 24 वर्षीय ITI मैकेनिक महावीर को साथ लेकर पूजा के बहाने मंदिर की रैकी की।
इसके बाद 12वीं पास सचिन के साथ बाइक पर सवार होकर मंदिर के पास पहुंची। पिछली दीवार फांदकर दोनों मंदिर में घुसे। सचिन को गेट के पास खड़ा किया और 10 से 15 मिनट में मंदिर के छह छतर और दानपात्र की नकदी चुरा ली।
पहली ही चोरी में सफल रहने के बाद महावीर और सचिन के साथ मिलकर दूसरी चोरी का प्लान बनाया। जिसके लिए ताले तोड़ने का लॉग पिक्स तिकोना औजार तैयार करवाया। रविवार को तीनों बाइक पर सवार होकर चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए निकल पड़े। ताले तोड़ने के लिए बनवाए औजार ने ही तीनों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
राहुल को सौंपा छतर बेचने का काम
मंदिर के दानपात्र से नोटों के फैलाव से उम्मीद थी कि अच्छी नकदी मिलेगी। गिनती के बाद केवल करीब 12 हजार रुपए ही मिले। जिसे मोहित और सचिन ने आधे-आधे बांट लिया। इसके बाद मंदिर से चोरी किए गए 6 छत्र बेचने की जिम्मेदारी राहुल को सौंप दी। जो फिलहाल तिजारा में अपनी रिश्तेदारी में रह रहा है।
पुलिस अब दो दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों द्वारा चोरी की वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल और बेचने के लिए दिए गए 6 छतरों के साथ राहुल को पकड़ने का प्रयास करेगी।
दो सामान्य और एक गरीब परिवार से
रायपुर के बनदेव मंदिर में चोरी के आरोप में पकड़ गए गांव खेड़ा तिगांवा निवासी मोहित और गांव खेड़ा ठाकरान निवासी महाबीर सामान्य परिवारों से हैं। गांव में मोहित आर महावीर के पिता की पांच कनाल से अधिक कृषि जमीन है। सचिन गरीब परिवार है और पेंटर का काम करता है। गांव बासनी निवासी सचिन गरीब परिवार से है और पेंटर का काम करता है।
सबसे नीची दीवार को चुना
सचिन महावीर के साथ पूजा के बहाने मंदिर पहुंचा। पूजा करने के बाद पुराने मंदिर और भंडारा स्थल और रसोई को भी देखा। फिर पास बने शनि मंदिर में जाकर भी नमन किया। पांच जनवरी की रात सचिन के साथ मंदिर के पास पहुंचा। पास में मोटरसाइकिल खड़ी की और पिछली दीवार फांदकर भंडारा स्थल और रसोई के रास्ते मंदिर में घुसे। सचिन को बाहर निगरानी के लिए खड़ा किया और खुद अंदर जाकर मंदिर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। जिसमें मोहित 10 से 12 मिनट में चोरी की वारदात को अंजाम देते दिखाई दे रहा है।
पुजारी ने दर्ज करवाई थी शिकायत
मंदिर के पुजारी पं. सत्यनारायण ने बावल पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि पांच जनवरी की रात उसने मंदिर के कपाट बंद कर ताला लगाया था। सुबह मंदिर में आए एक श्रद्धालु ने ताला मंदिर का ताला टूटा होने की जानकारी दी। जब उसने देखा तो मंदिर से 6 छतर और दानपात्र से 60 हजार रुपए की नकदी गायब मिली। जांच के बाद बावल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।