सज्जन बोले-कुरियन-मुरुगन जैसे नेता एमपी से राज्यसभा क्यों भेजते हैं:पूर्व मंत्री ने कहा- कांग्रेस भी SC नेताओं को कर रही नजरअंदाज, दिग्गी की जगह अजा लीडर को भेजे

2 महीने बाद, अप्रैल में मध्य प्रदेश के तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। इनमें कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के साथ भाजपा के राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया है कि वे अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहे हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र लिखकर किसी अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की है। प्रदीप अहिरवार की इस मांग का पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने समर्थन किया है।

बीजेपी साउथ के नेताओं को एमपी से राज्यसभा क्यों भेजती है

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद एल. मुरुगन और जॉर्ज कुरियन को लेकर कहा कि बीजेपी ने मध्य प्रदेश को चारागाह बना रखा है। एक मुरुगन साहब हैं और दूसरे कुरियन साहब-इनका मध्य प्रदेश से क्या लेना-देना है? क्या ये आज तक मध्य प्रदेश में घूमे हैं? आप मध्य प्रदेश की राजनीति के अधिकार को क्यों मार रहे हैं? एक तरफ आपने सिंधिया को लाकर भर दिया।

सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि जो बेचारा बीजेपी का नेता सालों से पार्टी के वटवृक्ष में खाद-पानी डालता है, उसका हक छीना जा रहा है। ये कुरियन और मुरुगन प्रदेश के दो-तीन जिले भी नहीं घूमे होंगे। बीजेपी अपने ही नेताओं का हक मार रही है। नरोत्तम जैसे नेता, जिनमें कैलिबर है और काम करने का माद्दा है, ऐसे कई नेताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं।

नरोत्तम जैसे नेताओं का हक मार रही बीजेपी

हम लंबे अरसे से देख रहे हैं नरोत्तम का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी चला था। बड़ा उपयुक्त नाम था क्योंकि हमने वर्किंग देखी है भले ही वो बीजेपी में हैं लेकिन नरोत्तम की कार्यशैली बडे़ सामंजस्य वाली रही है। लेकिन जब भी मौका आता है उनको आश्वासन देकर नए कपड़े सिलवा देते हैं लेकिन, मैं समझता हूं कि बीजेपी को ऐसे लोगों को मौका देना चाहिए।

जब एससी नेता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे तब कांग्रेस की सरकार बनी

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कांग्रेस से अनुसूचित जाति के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग पर कहा कि प्रदीप अहिरवार मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। उन्होंने यदि यह बात कही है, तो वह गहरे चिंतन और मनन के बाद कही होगी।

उन्होंने कहा कि वे इस मांग से सहमत हैं, क्योंकि जब-जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अनुसूचित जाति के अध्यक्ष बनाए गए हैं, तब-तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है। चाहे राधाकिशन मालवीय हों या परसराम भारद्वाज, उनके अध्यक्ष रहते कांग्रेस की सरकारें बनीं।

सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पिछले कुछ सालों से अनुसूचित जाति के नेताओं को शायद अपेक्षित तवज्जो नहीं मिली है। इससे कहीं न कहीं हम पीछे पड़े हैं और कमजोर हुए हैं। यह बात मैं अपनी याददाश्त के आधार पर कह रहा हूं। इसलिए मैं प्रदीप अहिरवार की मांग का समर्थन करता हूं।

उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने स्वयं ही स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्यसभा नहीं जाना चाहते। वे अत्यंत दूरदृष्टि वाले नेता हैं और उन्होंने स्वेच्छा से मना किया है। ऐसे में वर्तमान में कोई अनुसूचित जाति का व्यक्ति इस पद पर नहीं है, इसलिए इस वर्ग के नेता को अवसर दिया जाना चाहिए।

अनुसूचित जाति के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग

कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय को पत्र लिखकर राज्यसभा में अनुसूचित जाति वर्ग से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

अहिरवार ने पत्र में कहा है कि हाल ही में भोपाल डिक्लेरेशन से जुड़ी प्रेसवार्ता में दिग्विजय द्वारा अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग से मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर प्रसन्नता जताना सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी भावना के अनुरूप अब राज्यसभा में भी अनुसूचित जाति वर्ग को अवसर मिलना चाहिए।

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