IPS विवेकानंद ने पूर्णिया रेंज के IG के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। जॉइन करने के बाद से ही एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्णिया रेंज में क्राइम कंट्रोल, इन्वेस्टिगेशन और लॉ एंड ऑर्डर पर उनका फोकस होगा। स्मैक के बढ़ते ट्रेंड को रोकना, क्राइम पैटर्न को समझ अपराध और अपराधियों पर लगाम कसना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। दो दशक बाद दोबारा से यहां आकर उनकी यादें ताजा हो गई है। हर हाल में क्राइम पर लगाम कसेंगे।
पूर्णिया पहुंचते ही महिला सिपाहियों की एक टुकड़ी ने IG विवेकानंद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद SP स्वीटी सहरावत ने बुके देकर IG का स्वागत किया। इसके बाद वे अपने दफ्तर पहुंचे। अपना पदभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने SP के साथ क्राइम कंट्रोल को लेकर चर्चा की।
साल 2008 के सीनियर आईपीएस विवेकानंद एसटीएफ पटना में डीआईजी रहे हैं। इनसे पहले सीनियर आईपीएस विनोद कुमार, रत्न संजय, सुरेश चौधरी, शिवदीप वामन राव लांडे एवं राकेश राठी पूर्णिया के आईजी रह चुके हैं। आईपीएस राकेश राठी के तबादला के बाद आईपीएस प्रमोद कुमार मंडल को पूर्णिया का डीआईजी बनाया गया था।
क्राइम कंट्रोल पर फोकस रहेगा
पदभार ग्रहण करने के बाद पूर्णिया रेंज के IG विवेकानंद ने कहा कि करीब 2 दशक बाद दोबारा से यहां आकर उनकी यादें ताजा हो गई है। इससे पहले 2002 में धमदाहा और 2003 में पूर्णिया SDPO का चार्ज संभाल चुके हैं। अब एक बार फिर से इस क्षेत्र में काम करने का मौका मिला है। हर हाल में वे क्राइम पर लगाम कसेंगे।
क्राइम सिनेरियो को समझकर जिलावार एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। पूर्णिया और आसपास के जिलों में अपराध और अपराधियों के पैटर्न पर रिसर्च किया जाएगा। अपराधियों की क्रिमिनल हिस्ट्री और आपराधिक गैंग की कार्यशैली को समझकर विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। पूर्णिया रेंज में क्राइम कंट्रोल पर फोकस होगा।
ब्रूटल क्राइम और जघन्य हत्याओं पर संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए भी प्लान तैयार किया जाएगा। वहीं, स्मैक के बढ़ते ट्रेंड को रोकना उनकी अहम प्राथमिकता होगी, क्योंकि हाल में हो रहे तमाम तरह के अपराध स्मैक जैसे नशे के सेवन के बाद दी जा रही है।