इंफोसिस का मुनाफा तीसरी तिमाही में 2% घटा:यह ₹6,654 करोड़ रहा, रेवेन्यू 9% बढ़ा; नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या घटी

आईटी कंपनी इंफोसिस ने 14 जनवरी को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 2.2% गिरकर ₹6,654 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹6,806 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 9% बढ़ा। यह ₹45,479 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹41,764 करोड़ था। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 2-3% से बढ़ाकर 3-3.5% कर दिया है।

नए लेबर कोड के कारण मुनाफे में गिरावट

मुनाफे में आई इस गिरावट की मुख्य वजह भारत में लागू हुए नए लेबर कोड हैं। कंपनी ने बताया कि नए नियमों के लागू होने के कारण उसे ग्रेच्युटी लायबिलिटी और छुट्टियों के बदले भुगतान के लिए ₹1,289 करोड़ का अलग से प्रावधान करना पड़ा है। यह एक ‘वन-टाइम कॉस्ट’ है।

21 नवंबर से लागू हुए इन नए कोड्स के तहत कंपनियों को अपने सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करना पड़ा है, जिसमें बेसिक पे को सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% रखना अनिवार्य है।

नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या घटी

आईटी सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘एट्रीशन रेट’ (नौकरी छोड़ने की दर) होती है। कंपनी का एट्रीशन रेट पिछले साल के 13.7% से गिरकर अब 12.3% पर आ गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 2% की कमी आई है। इसका मतलब है कि कंपनी अब अपने कर्मचारियों को साथ जोड़े रखने में ज्यादा सफल हो रही है।

सीईओ बोले- एआई पार्टनर के रूप में उभरी कंपनी

नतीजों पर बात करते हुए इंफोसिस के सीईओ और एमडी सलिल पारेख ने कहा, “तीसरी तिमाही का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। हमारे एंटरप्राइज एआई प्लेटफॉर्म ‘इंफोसिस टॉपाज’ की वजह से बाजार में हमारी हिस्सेदारी बढ़ रही है।

अब क्लाइंट्स इंफोसिस को एक भरोसेमंद एआई पार्टनर के रूप में देख रहे हैं। एआई के क्षेत्र में हमारी विशेषज्ञता और नए इनोवेशन ने हमें बिजनेस वैल्यू बढ़ाने में मदद की है।”

बढ़त के साथ बंद हुआ इंफोसिस का शेयर

रिजल्ट आने से पहले इंफोसिस का शेयर 0.62% की बढ़त के साथ ₹1,608.90 पर बंद हुआ। निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनी के रेवेन्यू गाइडेंस में सुधार होगा।

क्या होता है रेवेन्यू गाइडेंस?

आईटी कंपनियां हर तिमाही में यह अनुमान लगाती हैं कि पूरे साल में उनकी कमाई कितनी बढ़ सकती है। इसे ‘गाइडेंस’ कहते हैं। इंफोसिस ने इसे बढ़ाकर 3.5% किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले महीनों में कंपनी को नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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