बच्ची के रेप-हत्या मामले में फांसी की सजा बरकरार:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा-आरोपी के साथ रियायत नहीं बरती जा सकती, भोपाल में हुई थी घटना

भोपाल के शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र में 5 साल की बच्ची से रेप और उसकी हत्या मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले (फांसी की सजा) को बरकरार रखा है। सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने कहा कि आरोपी अतुल भालसे ने पांच साल की मासूम के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी हैं, यह विरल से विरलतम मामला है, आरोपी के साथ किसी भी किस्म की रियायत नहीं बरती जा सकती।

कोर्ट ने यह भी कहा कि समाज की अंतरात्मा को संतुष्ट करने के लिए ऐसे मामलों में कठोरता सजा जरूरी है। घटना 24 सितंबर 2024 को घटी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए जिला कोर्ट में पेश किया। जहां अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई। आरोपी ने फांसी की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

यह है मामला

24 सितंबर 2024 को एक महिला ने अपनी 5 साल की बेटी की गुमशुदा होने की शिकायत शाहजहांनाबाद थाने में दर्ज कराई थी। 26 सितंबर को ईदगाह हिल्स में एक मल्टी में स्थित फ्लैट से दुर्गंध आने पर पुलिस ने वहां तलाशी ली। बाथरूम में रखी प्लास्टिक की टंकी से बच्ची का शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में सामने आया की बच्ची से अतुल भालसे नाम के अपराधी ने रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी।

मृत बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट को देखकर कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने बच्ची का मुंह दबाकर चाकू का इस्तेमाल कर यौन हमला किया और बच्चे का शव टंकी में छुपा कर रखा। अपराधी का यह कृत्य बेहद ही क्रूर, अमानवीय और बर्बर है, हाई कोर्ट ने आरोपी की सजा ए मौत पर मुहर लगाई है।

रेप के बाद गला घोंटकर की थी हत्या

आरोपी अतुल बच्ची की दादी के फ्लैट के ठीक सामने वाले फ्लैट में रहता है। आरोपी ने रेप के बाद गला घोंटकर बच्ची की हत्या कर उसके शव को पानी की टंकी में छिपा दिया था। आरोपी अतुल की बहन चंचल और मां बसंती ने घटना को छिपाने का प्रयास किया था, इसलिए पुलिस ने उनको भी आरोपी बनाया था।

आरोपी परिजन के साथ बच्ची को तलाशने का नाटक करता रहा

घटना के बाद आरोपी परिवार बच्ची के परिजन के साथ ही बच्ची को तलाशता रहा। किसी को शक न हो, इसलिए आरोपी बच्ची के परिजन के साथ उसे तलाशने का नाटक करता रहा। उनके साथ रहकर पुलिस की एक्टिविटी पर भी नजर रखे रहा। जब उसे यकीन हो गया कि वह बच नहीं पाएगा, तो अपने फ्लैट का ताला लगाकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

फॉगिंग के दौरान बच्ची को फ्लैट में खींचा था

अतुल के खिलाफ खरगोन में पहले से छेड़खानी, चोरी जैसे 6 अपराध दर्ज हैं। उसकी पत्नी दो साल से अलग रह रही थी। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि फॉगिंग के दौरान हुए धुएं का फायदा उठाते हुए उसने बच्ची का मुंह बंद कर अपने फ्लैट में खींच लिया था। रेप के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एक दिन तक शव कमरे में बिस्तर के बीच छिपाकर रखा। मक्खियां होने लगीं, तो बॉडी को पानी की टंकी में डाल आया।

पुलिस को मरा चूहा दिखाकर गुमराह करने की कोशिश की

पुलिस जैसे ही फ्लैट में दाखिल हुई, चंचल ने पुलिस को मरा चूहा दिखा कर गुमराह करने की कोशिश की। चूहा फेंकने के बाद भी जब बदबू नहीं गई, तो पुलिस का शक गहराया। पुलिस ने पूरे फ्लैट की तलाशी ली। बदबू बाथरूम के ऊपर रखी एक प्लास्टिक की टंकी से आ रही थी।

पुलिस ने टंकी को नीचे उतारा तो हैरान रह गई। टंकी में मासूम की लाश पड़ी थी। ऊपर से कपड़े और जूते-चप्पल डाल दिए थे। पुलिस ने टंकी सहित मासूम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) पहुंचाया। इस दौरान पुलिस ने मल्टी के सभी फ्लैट के दरवाजे बाहर से बंद करा दिए। पुलिस ने पहले चंचल इसके बाद उसकी मां बसंती और फिर मुख्य आरोपी अतुल निहाले को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने गुनाह कबूल किया, बताया कैसे की हत्या?

पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर श्यामला हिल्स थाने ले गई। वहां पूछताछ में अतुल ने बताया कि मंगलवार को जब नगर निगम की टीम फॉगिंग कर लौटी तो पूरी गली सूनी थी। तभी बच्ची नीचे की तरफ जाती हुई दिखी। उसने बच्ची को बुलाया और दरवाजा बंद कर अंदर कमरे में ले गया। वहां रेप के बाद उसने गला घोंट कर उसे मार डाला और लाश को पलंग के नीचे छिपा दिया।

रेप और हत्या की इस पूरी वारदात को उसने 35 मिनट में अंजाम दिया था। शाम को जब उसकी बहन चंचल और मां बसंती काम से लौटीं तो उन्हें अतुल की करतूत का पता चल गया था। 25 सितंबर को बसंती और चंचल के कहने पर अतुल ने लाश को पानी की टंकी में छिपा दिया था।

आरोपी मासूम की लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा था। दरअसल उसके गायब होने के बाद से ही पुलिस ने मल्टी परिसर में डेरा डाल रखा था।

अब जानिए कैसे गायब हुई थी मासूम?

  • 24 सितंबर 2024 को दोपहर 12 बजे पांच साल की मासूम अपनी दादी के साथ बड़े पापा के फ्लैट पर थी। दरअसल, जिस मल्टी में वह रहती थी उसके दूसरे तल पर उसके बड़े पापा का फ्लैट है।
  • दादी ने उसे दोपहर में स्कूल की किताबें लाने भेजा। संयोग से उसी समय नगर निगम की टीम वहां फॉगिंग करने पहुंची थी।
  • जब काफी देर बाद भी पोती नहीं लौटी तो दादी नीचे वाले फ्लैट पर पहुंची। फ्लैट पर ताला लगा था। दादी ने आसपास उसकी तलाश की। जानने वालों से पूछा, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
  • बच्ची के गायब होने की खबर मल्टी में रहने वालों को मिली, तो उन्होंने भी टीम बनाकर उसकी तलाश की। बच्ची के गायब होने की सूचना पर माता-पिता भी घर लौट आए थे।
  • जब बच्ची का कहीं पता नहीं चला तो लोगों के साथ पिता शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज कराया।
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