समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि देश में केवल पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ही भाजपा का मजबूती से मुकाबला कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अब सिर्फ सम्मानजनक हार की कोशिश कर रही है। यहां नफरत की राजनीति सफल नहीं होगी।
अखिलेश ने राज्य सचिवालयमें ममता बनर्जी से मुलाकात की। बैठक करीब 40 मिनट चली। इसके बाद अखिलेश ने कहा कि ममता बनर्जी जिस तरह भाजपा का मुकाबला कर रही हैं, वही सही तरीका है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा-विरोधी ‘INDIA’ गठबंधन में शामिल कई दलों को कांग्रेस के रवैये से पहले भी शिकायत रही है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई में ममता को जनता का समर्थन मिलता रहेगा। सपा भी तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी है।
भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर SIR करा रही
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रोसेस चला रही है। इसका मकसद देश की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था को कमजोर करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की आड़ में NRC लागू करने की कोशिश हो रही है। आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम लिस्ट से हटाए गए।
अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग का काम वोटर्स की संख्या बढ़ाना है, न कि घटाना, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि आयोग और भाजपा मिलकर वोट कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
ममता ने पश्चिम बंगाल को डिजिटल डकैती से बचाया
उन्होंने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने ED का डटकर सामना किया और राज्य को “डिजिटल डकैती” से बचाया।
अखिलेश यादव ने कहा,“ममता बनर्जी प्रेम और भाईचारे की बात करती हैं, जबकि भाजपा समाज को बांटने की राजनीति करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल केवल एक राजनीतिक राज्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बहुत अहम है।
इससे पहले अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव और सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन के साथ कोलकाता के कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना की।