हरियाणा SBI लॉकर से ₹1.50 करोड़ की गोल्ड ज्वैलरी गायब:फरीदाबाद में परिवार बोला-चाबी उनके पास, 3kg चांदी भी थी; आखिरी बार 8 माह पहले खोला था

हरियाणा में फरीदाबाद के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट और उनके परिवार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की सेक्टर-15 शाखा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बैंक में उनके लॉकर से लगभग एक किलो सोने और करीब तीन किलो चांदी के गहने गायब कर दिए गए। उन्होंने करीब 8 महीने पहले यह लॉकर खोला था।

अब जब उनकी पत्नी इसे चेक करने गई तो बैंक कर्मचारी ने यह कहते हुए उन्हें चौंका दिया कि उनका लॉकर वहां मौजूद ही नहीं है। सीए के मुताबिक, उनकी पत्नी ने जब बताया कि चाबी तो उनके पास है, फिर ऐसे कैसे हो सकता है? इस पर बैंक कर्मचारी ने ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया।

इसके बाद पत्नी ने मौके से ही सीए को कॉल कर मामले की जानकारी दी। फिलहाल, सीए ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने भी बैंक मैनेजर को नोटिस जारी किया है, जिसमें रिकॉर्ड पेश करने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक की ओर से रिकॉर्ड मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भारत में आज (1 फरवरी 2026) 24 कैरेट के 1 किलो सोने की कीमत लगभग ₹1.60 करोड़ से ₹1.65 करोड़ के बीच है। चूंकि गहने 22K (कम शुद्धता) के होते हैं और उन पर मेकिंग चार्ज और GST लगता है, इसलिए 1 किलो सोने के गहनों की कुल कीमत ₹1.50 करोड़ से ₹1.60 करोड़ के बीच हो सकती है। यह दरें विभिन्न शहरों और टैक्स के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।

यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए सीए ने बैंक पर क्या आरोप लगाए…

बैंक में वर्ष 2014 से खाता: फरीदाबाद शहर के सेक्टर-15ए निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग ने बताया कि उनका एसबीआई सेक्टर-15 ब्रांच में वर्ष 2014 से अकाउंट है। उसी अकाउंट से नियमित रूप से लॉकर शुल्क 2300 रुपए सालाना कटता है। लॉकर की मूल चाबी भी उनके पास सुरक्षित है। लॉकर में लगभग एक किलो सोने और करीब तीन किलो चांदी के गहने रखे थे।

पत्नी खोलने पहुंची तो पता चला: डीसी गर्ग ने बताया कि करीब आठ महीने पहले उन्होंने आखिरी बार लॉकर का इस्तेमाल किया था। शुक्रवार को उनकी पत्नी नीलम गर्ग जब लॉकर चेक करने बैंक पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने यह कहकर चौंका दिया कि उनका लॉकर वहां मौजूद ही नहीं है। लॉकर नंबर बताने पर बताया गया कि वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।

बैंक की दी हुई चाबी से नहीं खुला लॉकर: नीलम गर्ग किसी तरह कर्मचारियों के साथ लॉकर तक गईं, लेकिन उनकी चाबी से लॉकर नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने अपने पति को फोन कर पूरी जानकारी दी। डीसी गर्ग ने तत्काल बैंक मैनेजर पवन रावत से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि उनका लॉकर तोड़ दिया गया था। अब उस पर नया ताला लगाकर किसी अन्य ग्राहक को सौंप दिया गया है।

अब जानिए सीए के आरोपों पर बैंक-पुलिस ने क्या कहा..

बिना जाकारी के लॉकर तोड़ा : डीसी गर्ग का आरोप है कि जब उन्होंने लॉकर तोड़ने की प्रक्रिया और अंदर रखे सामान के बारे में जानकारी मांगी, तो बैंक प्रबंधन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। न तो वीडियोग्राफी, न गवाहों की मौजूदगी और न ही लॉकर में रखे सामान की कोई सूची उन्हें उपलब्ध कराई गई। बैंक ने यह पूरी प्रक्रिया इल्लीगल तरीके से की है। उन्होंने इसकी शिकायत सेक्टर 15 पुलिस चौकी को दी।

क्षेत्रीय प्रबंधक बोले- मामले की जांच जारी : उधर, सीए के लॉकर से एक किलो सोने और 3 किलो चांदी के जेवर गायब होने के मामले में SBI बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल दलाल से दैनिक भास्कर डिजिटल एप की टीम ने बात की। उन्होंन केवल इतना कहा कि यह बैंक का आंतरिक मामला है, जिसकी जांच की जा रही है। जांच के पूरा होने के बाद ही सही जानकारी दे पाएंगे।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

पुलिस चौकी सेक्टर 15 इंचार्ज ओमप्रकाश ने बताया किया सीए डीसी गर्ग की ओर से दी गई शिकायत पर बैंक अफसरों से संपर्क किया गया था। बैंक अफसरों की ओर से उन्हें बताया गया है कि डीसी गर्ग द्वारा लॉकर को सरेंडर कर दिया गया था। पुलिस ने बैंक को नोटिस जारी कर सरेंडर पेपर मांगे है। उन्होंने कहा कि अगर पेपर बैंक द्वारा पेपर नहीं दिखाए जाते है तो मामला दर्ज कर लिया जाएगा।

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