एअर इंडिया के 191,इंडिगो के 148 विमानों में बार-बार खराबी:सरकार ने संसद में माना- 754 प्लेन की जांच में यह बात सामने आई

हवाई यात्रा की सुरक्षा सवालों में है। जनवरी 2025 से देश की छह प्रमुख एयरलाइंस के कुल 754 विमानों की तकनीकी जांच की गई। इनमें से 377 विमानों में बार-बार आने वाली खराबियों की पहचान हुई। यानी एक ही खराबी बार-बार सामने आई, भले ही उसे पहले ठीक कर दिया गया था।

एअर इंडिया ग्रुप के 267 विमानों में से 191 (72%) में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। इसके बाद इंडिगो का नंबर था। इसके 405 विमानों की जांच की गई। उनमें से 148 में इस साल 3 फरवरी तक रिपीटेटिव डिफेक्ट ( एक ही खराबी बार-बार) पाई गई।

लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने पिछले साल सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर जांच की। इस दौरान 3890 सर्विलांस इंस्पेक्शन, 56 ऑडिट, 492 रैंप चेक और 84 विदेशी विमानों की जांच की गई। 874 स्पॉट चेक और 550 नाइट सर्विलांस भी किए गए।

एअर इंडिया बोली- ज्यादातर दिक्कतें D कैटेगरी में, इनका सेफ्टी से वास्ता नहीं

एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने सरकारी डेटा जारी के बाद कहा, ‘हमने बहुत ज्यादा सावधानी बरतते हुए अपने पूरे फ्लीट में चेक किए हैं, इसलिए संख्या ज्यादा है। एयरलाइन के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने कहा कि प्लेन में अलग-अलग तरह के इक्विपमेंट चेक किए जाते हैं। इन्हें इक्विपमेंट की प्रायोरिटी या अर्जेंसी के आधार पर A, B, C और D सेगमेंट में बांटा गया है।

एग्जीक्यूटिव के मुताबिक एअर इंडिया के मामले में, ज्यादातर दिक्कतें कैटेगरी D में हैं, जिसमें सीटें, ट्रे टेबल, स्क्रीन (सीटों के पीछे) वगैरह जैसी चीजें शामिल हैं। ये एयरक्राफ्ट की सेफ्टी से जुड़ी नहीं हैं।

एग्जीक्यूटिव ने आगे कहा कि अगले दो सालों में जब नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए रेट्रोफिट प्रोग्राम शुरू होगा, तो ये दिक्कतें भी हल हो जाएंगी।

देश की प्रमुख यात्री एयरलाइंस

  • इंडिगो- सबसे बड़ी एयरलाइन, घरेलू उड़ानों में टॉप पर
  • एअर इंडिया- राष्ट्रीय एयरलाइन (अब टाटा ग्रुप)
  • एअर इंडिया एक्सप्रेस/ AIX कनेक्ट- लो-कॉस्ट अंतरराष्ट्रीय-घरेलू उड़ानें
  • विस्तारा- प्रीमियम एयरलाइन (एअर इंडिया में विलय की प्रक्रिया में)
  • स्पाइस जेट- घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट
  • अकासा एयर- नई और तेजी से बढ़ती लो-कॉस्ट एयरलाइन
  • अलायंस एयर- सरकारी/क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर फोकस

2,645 पद खाली पड़े

सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और 3 विमानन नियामक संस्थाओं DGCA, BCAS और AERA में 2,645 पद खाली पड़े हैं।

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