असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा, लेकिन कुछ घंटों बाद ही इसे वापस ले लिया।
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (AICC) इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने बोरा के साथ से चर्चा की। राहुल गांधी ने उनसे 15 मिनट बात की। यह हमारा आंतरिक मामला है। हमने उन्हें इस्तीफा वापस लेने पर विचार करने के लिए धन्यवाद दिया।
भूपेन बोरा ने भी कहा कि उन्होंने परिवार से सलाह लेकर मंगलवार को अंतिम निर्णय लेंगे। बोरा ने कहा कि 32 साल बाद मैंने इस्तीफा दिया है। अब समय लेकर सोचने की आवश्यकता है। कई वरिष्ठ नेताओं और साथी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुझसे सभी पहलुओं पर विचार करने को कहा।
बोरा ने अपने इस्तीफे में लिखा था कि उन्हें पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है। राज्य में उन्हें सम्मान नहीं दिया गया।
सीएम हिमंता ने BJP में आने का प्रस्ताव दिया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा को BJP में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। हिमंता ने कहा कि अगर बोरा BJP में आते हैं, तो हम उन्हें सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वाने में मदद करेंगे। मैं कल शाम उनके घर जाकर भविष्य की योजना पर चर्चा करूंगा। अगर वह शामिल नहीं होते, तो भी हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे।
सारमा ने बोरा को कांग्रेस के ‘अंतिम हिंदू नेता’ बताते हुए कहा कि उनका परिवार साधारण है और कांग्रेस में सामान्य परिवार से आने वाले नेताओं को पहचान नहीं मिलती। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि BJP ने उन्हें साधारण परिवार से मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया।
तीन बार के विधायक रहे अब्दुल रशीद मंडल ने कांग्रेस छोड़ी
इधर, तीन बार के विधायक अब्दुल रशीद मंडल सोमवार को कांग्रेस छोड़कर रायजोर दल में शामिल हो गए। मंडल ने कहा कि मैं रायजोर दल में शामिल होकर गोगोई के हाथ मजबूत करने के लिए काम करूंगा।
हालांकि, कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि मंडल ने अभी तक औपचारिक इस्तीफा पार्टी को नहीं दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने बोरा से मुलाकात की
पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और नेता विपक्ष देबाब्रत सैकिया ने बोरा से उनके निवास पर मुलाकात की।
गौरव गोगोई ने कहा कि भूपेन बोरा पार्टी के लिए एक मजबूत स्तंभ हैं। हमेशा राज्य में नकारात्मक ताकतों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अगर उन्हें किसी मुद्दे से आघात पहुंचा हो, तो मैं छोटे भाई के रूप में उनसे माफी मांगता हूं।
यूनाइटेड अपोजिशन फोरम और रायजोर दल अध्यक्ष अखिल गोगोई ने कहा कि बोरा को कोई भी मजबूर नहीं कर सकता कि वह BJP में जाएं। भूपेन बोरा हमारे साथ रहेंगे और किसी भी हालत में BJP में शामिल नहीं होंगे। अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद रायजोर दल की अध्यक्षता छोड़ दूंगा, लेकिन बोरा को जाने नहीं देंगे।
भूपेन बोरा पूर्व में 2021–2025 तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और दो बार विधायक रह चुके हैं। राज्य में विधानसभा के 126 सीटों पर चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है।