मध्यप्रदेश में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की चार महीने चली प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। प्रदेश में कुल 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
सबसे ज्यादा असर भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में दिखा, जहां मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से 97 हजार से अधिक नाम काटे गए। वहीं इंदौर-5 विधानसभा सबसे ज्यादा मतदाताओं वाला क्षेत्र बन गया है, जबकि मंत्री दिलीप जायसवाल का कोतमा क्षेत्र सबसे कम मतदाताओं वाला है।
एसआईआर की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश में कुल मतदाता संख्या 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 थी। पूरी प्रक्रिया के बाद 34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए गए। ड्राफ्ट प्रकाशन के समय मतदाता संख्या 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 बताई गई थी।
प्रदेश में अब 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 वोटर
ड्राफ्ट के बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया में 10 लाख 85 हजार 413 नए नाम जोड़े गए, जबकि 2 लाख 36 हजार 331 नाम और हटाए गए। इस तरह शुद्ध रूप से 8 लाख 49 हजार 82 मतदाता बढ़े और अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 हो गई है। यह ड्राफ्ट के मुकाबले 1.60 प्रतिशत की वृद्धि है।
गोविंदपुरा में वोटर घटे, इंदौर-5 में सबसे ज्यादा मतदाता
भोपाल के गोविंदपुरा में बड़े पैमाने पर नाम कटने से वहां कुल वोटर घट गए हैं। इसके उलट भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता संख्या बढ़ी है और यह अब गोविंदपुरा से आगे निकल गया है। नई सूची के अनुसार इंदौर-5 विधानसभा में 3 लाख 52 हजार 849 मतदाता दर्ज किए गए हैं, जो प्रदेश में सबसे अधिक हैं। वहीं कोतमा में 1 लाख 39 हजार 559 मतदाता हैं, जो सबसे कम हैं।
SIR के बारे में जानें…
यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।