पंजाब में AAP की MLA आतिशी पर लगे सिख गुरुओं के अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जालंधर कोर्ट से आए वीडियो हटाने के फैसले के बाद भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए हैं।
सिरसा ने कहा कि पंजाब सरकार ने आतिशी को बचाने के लिए बिना ऑडियो सैंपल के ही वीडियो की फोरेंसिक जांच करवा ली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वीडियो सैंपल ही नहीं है तो कैसे पता चला कि आवाज किसकी है। सिरसा ने कहा कि आतिशी के बचाने के लिए केस दिल्ली वर्सेज पंजाब सरकार हो गया है। पंजाब सरकार दिल्ली की अपनी विधायक को बचाने के लिए झूठ पर झूठ बोल रही है।
बता दें कि सबसे पहले भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ही सब टाइटल लगाकर ये वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था। जिसमें कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया था कि आतिशी ने दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही के दौरान एक चर्चा में सिख गुरुओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इसी वीडियो की पंजाब पुलिस ने मोहाली स्थित फोरेंसिक लैब से जांच कराई थी, जिसमें उसे एडिटेड बताया गया था। इसके बाद आप ने कपिल मिश्रा के इस्तीफे की मांग की।
सिरसा ने आतिशी के विवाद पर क्या कहा…
- केजरीवाल और AAP का काम केवल झूठ बोलना: मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि आम आदमी पार्टी जिसका जन्म ही झूठ बोलने से शुरू हुआ है। इसका कर्म ही झूठ बोलना है। इसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल हर बार नया झूठ बोलते हैं। हर वो झूठा बयान दिया जो इस दुनिया में बोला जा सकता था। मैं सुरक्षा नहीं लूंगा। मैं घर नहीं लूंगा। मैं गाड़ी नहीं लूंगा। मैं जहाज में ट्रैवल नहीं करूंगा।
- आतिशी के झूठ काे दबाने के लिए सैकड़ों झूठ बोलेः सिरसा ने कहा कि आम आदमी पार्टी आतिशी के एक झूठ काे दबाने के लिए सैकड़ों झूठ बोल रही है। आतिशी को एक पाप से निकालने के लिए सैकड़ों पाप और कर रही है।
- पंजाब पुलिस के दम पर झूठ छिपाने की कोशिशः ये कह रहे हैं कि हमारी वर्करों की फौज, हमारी पंजाब पुलिस, हमारा मीडिया, हमारा सोशल मीडिया है और हम किसी भी तरीके से आतिशी के झूठ को सच पेश करेंगे।
- आतिशी का केस पंजाब सरकार लड़ रहीः आज की सबसे बड़ी शर्मनाक बात ये है कि आज से पहले देश में कभी नहीं ऐसा हुआ होगा। दिल्ली की विधानसभा का पाप आतिशी ने किया। इसको लड़ कौन रही है? स्टेट वर्सेस पंजाब।
- AAP से कई सवालः सिरसा ने कहा कि पंजाब स्टेट पंजाब की सरकार इस केस को लड़ रही है। केस टाइटल क्या है? स्टेट वर्सेस मेटा, स्टेट वर्सेस पंजाब सरकार। आतिशी को बचाने के लिए पंजाब सरकार कोर्ट कचहरियों में जा रही है। अगर तुमने यह पाप नहीं किया था तो इतना डर क्यों लगा? अगर तुमने यह पाप नहीं किया था तो बिना हमें पार्टी बनाए कोर्ट में क्यों गए? और अगर आपने यह पाप नहीं किया था तो फोरेंसिक की रिपोर्ट जिसको आप कह रहे हैं कि हम एक दिन में ले आए, वो बिना वॉयस सैंपल कैसे ले ली।
- पंजाब पुलिस ने AI टूल से खुद कर ली जांचः सिरसा ने दावा किया कि 6 जनवरी की रात 11 बजकर 49 मिनट पर FIR दर्ज की गई। मतलब दिल्ली में घटनाक्रम शुरू होता है और आधी रात को मुकदमा दर्ज कर लेते हैं। इसकी रिपोर्ट में कहते हैं कि इस वीडियो को सीनियर कॉन्स्टेबल राकेश कुमार ने चैक कर लिया है। पंजाब पुलिस का सीनियर कॉन्स्टेबल राकेश कुमार ये जस्टिफिकेशन दे रहा है कि ये ठीक है या गलत है। ये भी कहा गया है कि वीडियो की जांच AI टूल GEMINI से किया गया है।
- आरोपियों को बुलाया नहीं, विस से अभी तक वीडियो नहीं मांगी : सिरसा ने कहा कि हैरानी की बात ये भी है कि पुलिस ने अपनी जांच में लिखा है कि URL संतोष सिंह का, मनजिंदर सिंह सिरसा का, आशीष सूद का, राजकुमार भाटिया का, अनिल गोयल का, सतीश उपाध्याय का है। लेकिन इनमें से किसी को पार्टी नहीं बनाया गया। पंजाब पुलिस ने इनको पार्टी बनाए बिना सरकार की तरफ से कोर्ट में केस डाल दिया। पंजाब पुलिस इसमें पार्टी है।
- जिनपर आरोप उन्हें पार्टी नहीं बनाया:पंजाब पुलिस जो यह सब काम कर रही है वो आरोपों वाले किसी को भी पार्टी नहीं बना रही। पुलिस पार्टी है लेकिन FIR अपने एक वर्कर से करवाई है। खुद ही जांच करके कोर्ट में रिपोर्ट दे दी। मैं पूछना चाहता हूं कि आप बताइए फोरेंसिक जांच आपने कैसे की? बिना आतिशी को बुलाए जांच कर ली। बिना उसका वॉइस सैंपल लिए जांच कर ली।
पंजाब में गैंगवार हो रही, पुलिस फेसबुक खंगाल रही
सिरसा ने सवाल उठाया कि जिस पुलिस के पास पंजाब के अंदर रोज हजारों लोगों को धमकियां देकर एक्सटॉर्शन की जा रही हो। जिस स्टेट के अंदर रोज लोग मारे जा रहे हों, वहां की पुलिस क्या कर रही है? वो मेरे जैसे लोगों के फेसबुक, इंस्टा और एक्स के अकाउंट्स को खंगाल रही है। यह काम पंजाब पुलिस के पास है। ये काम पुलिस कर भी क्यों रही है, क्योंकि आतिशी को बचाना है।
SSP पटियाला मामले बोले- सैंपल नहीं मिला
सिरसा ने कहा कि हाईकोर्ट ने पटियाला के SSP मामले में जांच के लिए कहा तो पंजाब पुलिस का कहना था कि हमें अभी ऑडियो सैंपल नहीं मिल पाया। इसलिए फॉरेंसिंक जांच नहीं कर पा रहे। एक तरफ खुद के SSP की फॉरेंसिक जांच इसलिए नहीं हो पा रही कि वो आपके खिलाफ है, दूसरी तरफ बिना वॉयस सैंपल के फॉरेंसिक जांच हो गई, क्योंकि वो वीडियो भाजपा की थी। पंजाब पुलिस ने दिल्ली विधानसभा से अभी तक वीडियो नहीं मांगी।