I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर BJP विधायक अग्रिमित्रा पॉल ने कहा कि कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अच्छा सबक सिखाया है। उनकी झूठ की राजनीति उजागर हो गई है।
अग्रिमित्रा पॉल ने कहा कि 15 साल की TMC सरकार और उससे पहले की वाम सरकार ने रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीते, लेकिन इस बार बंगाल में ऐसा नहीं होगा।
अब तक 58 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। आगे और भी नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है। अब सच्चाई सामने आ रही है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को I-PAC रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक लगा दी। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा।
शहनवाज हुसैन बोले- विधानसभा चुनाव में ममता की हार तय
भाजपा नेता सैयद शहनवाज हुसैन ने कहा कि ममता बनर्जी जानती हैं कि वह 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने वाली हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने वोट चोरी का आरोप लगाकर माहौल बनाया, उसी तरह ममता बनर्जी अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रही हैं।
शहनवाज हुसैन ने दावा किया कि ममता बनर्जी की 2026 चुनाव में पूरी तरह हारेंगी और भाजपा की जीत होगी।
सुप्रीम कोर्ट की ED अफसरों पर दर्ज FIR पर रोक
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने गुरुवार को कहा कि देश में कानून के शासन का पालन सुनिश्चित करने और संस्थानों को स्वतंत्र रूप से काम करने देने के लिए इस मामले की जांच जरूरी है। सुनवाई के दौरान ED की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पश्चिम बंगाल की स्थिति को चिंताजनक बताया।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा कि सरकार ED के काम में दखल न डालें। एजेंसी को अपना काम करने दें। कोर्ट ने 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर भी रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ बड़े सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला तो अराजकता फैल सकती है। अगर केंद्रीय एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए ईमानदारी से अपना काम कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीति करके रोका जा सकता है?
ED ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान CM ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।
ममता का दावा- SIR प्रक्रिया में 84 लोगों की मौत
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए थे। हावड़ा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा के इशारे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन मौतों की जिम्मेदारी चुनाव आयोग और भाजपा की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड, बिहार और ओडिशा से लोगों को लाकर बंगाल में मतदान कराने की साजिश की जा रही है।
अब पूरे मामले को समझिए
8 जनवरी: TMC के IT हेड के ठिकानों पर ED की रेड
8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं।
कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं।
ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई।
9 जनवरी: ममता बनर्जी ने कोलकाता में मार्च निकाला
9 जनवरी को TMC के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर दो FIR भी दर्ज कराई है। उन्होंने कोलकाता में मार्च भी निकाला।
इस दौरान ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। मेरे पास इसके सबूत हैं। जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश कर सकती हूं।