EX-CM भट्‌ठल के बम वाले बयान से घिरी कांग्रेस:ज्ञानी हरप्रीत सिंह का सरकार से सवाल-क्या भट्‌ठल पर FIR करोगे?

पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्‌ठल के बम विस्फोट वाले बयान ने खुद के साथ-साथ कांग्रेस के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी। विपक्ष ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया। वहीं पुनरसुरजीत अकाली दल के अध्यक्ष व पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सवाल किया है कि क्या पंजाब सरकार रजिंदर कौर भट्‌ठल पर FIR दर्ज करेगी?

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि जब पंजाब कांग्रेस के नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि पंजाब में बम आ गए हैं तो सरकार ने उनके खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया था। अब पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्‌ठल ने तो साफ कहा है कि अफसरों ने बम विस्फोट करवाने की बात कही थी तो उन पर एफआईआर क्यों नहीं की जा रही। ज्ञानी हरप्रीत ने कहा कि सरकार इस मामनले में बिल्कुल चुप है जबकि रजिंदर कौर भट्‌ठल का यह बयान बेहद संवेदनशील है।

इस बात की जांच की जानी चाहिए कि क्या पूर्व में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए इस तरह के हत्थकंडे अपनाती रही है। आम आदमी पार्टी, अकाली दल व भाजपा भी भट्‌ठल के बयान पर लगातार कांग्रेस पर तीखे हमले कर रही हैं।

अधिकारियों व सलाहकारों के नाम उजागर करें भट्‌ठल

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि अब तक पूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिंदर कौर भट्टल जी को स्वयं सामने आकर सार्वजनिक रूप से उन अधिकारियों और सलाहकारों के नाम उजागर कर देने चाहिए थे, जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए पंजाब में बम धमाके करवाने की सलाह दी थी।

अब तक FIR दर्ज करके जांच होनी चाहिए थी

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि रजिंदर कौर भट्‌ठल ने सरेआम कहा है। अब तक सरकार को इस बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर तुरंत जांच शुरू कर देनी चाहिए थी, ताकि पंजाब में बम धमाकों की सलाह देने वाली ताकतों को बेनकाब किया जा सके।

TRC का गठन करे सरकार

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि उस दौर की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार को एक ट्रुथ एंड रिकन्सिलिएशन कमीशन (TRC) का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस दौर की सभी घटनाओं की जांच होनी चाहिए ताकि पता लग सके कि उन घटनाओं के पीछे का सच क्या है।

उन्होंने कहा कि उस दौर में जो धमाके हुए क्या ये धमाके चुनावों को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किए गए थे। टीआरसी की मांग पहले भी उठती रही है। अकाली दल की सरकार भी टीआरसी के गठन से भागती रही है। जिससे संदेह और भी गहरा जाता है।

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