IDFC बैंक फ्रॉड- मास्टरमाइंड की महिला-मित्र को तलाश रही ACB:आरोपियों को छिपाने में रिश्तेदारों के फ्लैट का इस्तेमाल; जहाज की टिकट बुक कराई

हरियाणा के सरकारी विभागों में हुए 590 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड में ACB की टीम अब मास्टमाइंड में शामिल अभय की महिला मित्र की तलाश में जुटी है। रिभव ऋषि की महिला मित्र का नाम राधिका बताया जा रहा है। आरोप है कि उक्त महिला ने फरारी के दौरान ठिकाने मुहैया करवाए थे।

हरियाणा ACB की टीम विक्रम वधवा की गिरफ्तारी से चूकने के बाद अब दूसरे कड़ियों को जोड़कर उन तक पहुंच रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बिल्डरों के जरिए दुबई, चंडीगढ़ सेक्टर 32, 33 व पंचकूला शहर की कोठियों में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। वहीं कुछ प्री लॉन्च प्रोजेक्ट में शेयर डालकर पैसा डबल भी किया है।

आरोपियों के साथ हवाई यात्रा

जिस राधिका का नाम केस में आ रहा है, उसने शैल कंपनियों के माध्यम से अन्य आरोपियों के साथ हवाई यात्रा की टिकटों बुकिंग करवाई हैं। अब शैल कंपनियों में राधिका की किस प्रकार से भूमिका रही है, उसकी भी जांच चल रही है। केस में एक अन्य लड़की का भी नाम आया था, जिसको अभी तक की जांच में क्लीन चिट मिल गई है।

प्रोडक्शन वारंट पर लेगी चंडीगढ़ पुलिस

चंडीगढ़ पुलिस भी नगर निगम चंडीगढ़ के खातों के साथ हुए 108 करोड़ के फ्रॉड में चारों मुख्य आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी कर रही है। प्रोडक्शन वारंट के लिए चंडीगढ़ कोर्ट में 24 मार्च की डेट लगी हुई है। जिस पर कोर्ट में प्रोडक्शन को लेकर बहस होगी।

सबसे पहले बैंक मैनेजर व उनके रिश्तेदार पकड़े

हरियाणा के घोटाले की जांच की शुरूआत में IDFC फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर अभय सिंह, उसकी पत्नी स्वाति सिंगला, साले अभिषेक को एसीबी ने अरेस्ट किया। तब खुलासा हुआ कि इन लोगों ने सरकारी विभागों के खाते प्राइवेट बैंक में खुलवाए। फिर वो पैसे सेल कंपनियों में ट्रांसफर करके शेयर बाजार व गोल्ड मार्केट में निवेश किया।

जांच में सरकारी विभागों के एकाउंट्स अफसर फंसे

मामला तब खुला जब घोटाले के अंदेशे के बाद IDFC ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच सौंपी। जांच आगे बढ़ी तो सरकारी विभागों के अफसरों की भूमिका सामने आई। पंचायत विभाग के सुपरिडेंट नरेश कुमार व मनीष जिंदल की गिरफ्तारी हुई।

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