IPS अधिकारी शत्रुजीत कपूर को नई जिम्मेदारी:ITBP चीफ बने, प्रवीण कुमार की जगह ली; हरियाणा के DGP भी रह चुके

हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी शत्रुजीत कपूर को ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। इससे पहले इस पद पर प्रवीण कुमार आसीन थे। उन्हें अब BSF का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है।

हरियाणा के नए डीजीपी की रेस में भी कपूर का नाम था। हरियाणा सरकार ने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके IPS अधिकारियों के एक नए पैनल को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजा था। इसमें शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल था। हालांकि, उनमें से IPS अजय सिंघल को हरियाणा का डीजीपी नियुक्त कर दिया गया।

इन विभागों में भी चल रहा था कपूर का नाम

हरियाणा के दोबारा डीजीपी न बन पाने के बाद शत्रुजीत कपूर का नाम अन्य विभागों से भी जुड़ा था। सरकारी विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कपूर को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के हेड या अनिल विज के ऊर्जा विभाग में भी एडजस्ट करने की बात चल रही थी। लेकिन, इससे पहले ही उन्हें आईटीबीपी का डीजी नियुक्त कर दिया गया।

राकेश अग्रवाल को एनआईए की जिम्मेदारी

हिमाचल प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का महानिदेशक नियुक्त किया गया। 31 अगस्त, 2028 तक वह इस पद पर रहेंगे। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

IPS शत्रुजीत को हरियाणा का दोबारा डीजीपी न बनाए जाने के पीछे 2 वजहें…

1. रिटायरमेंट इसी साल होगा

हरियाणा में नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से डीजीपी पद के दावेदार IPS अधिकारियों का पैनल यूपीएससी पैनल को भेजा था। इसमें IPS आलोक मित्तल (बैच 1993), IPS अजय सिंघल (बैच 1992) और IPS शत्रुजीत कपूर (बैच 1990) का नाम शामिल था।

सीनियॉरिटी के हिसाब से पैनल में शत्रुजीत सबसे आगे थे। लेकिन, उनका रिटायरमेंट इसी साल 31 अक्टूबर 2026 को है। हरियाणा सरकार ने नए डीजीपी अजय सिंघल की नियुक्ति के आदेश पत्र में यह विशेष रूप से लिखा है कि उनकी नियुक्ति दो साल के लिए है। जबकि, शत्रुजीत के पास सर्विस का इतना समय बचा नहीं है। ITBP के डीजी के रूप में भी शत्रुजीत की नियुक्ति इस साल 31 अक्टूबर तक ही की गई है।

2. हरियाणा में विरोध के बाद पद से हटाए गए थे

हरियाणा के सीनियर IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में तत्कालीन डीजीपी IPS शत्रुजीत कपूर, मुख्य सचिव IAS अनुराग रस्तोगी, पूर्व मुख्य सचिव (रि.) टीवीएसएन प्रसाद, रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत कुल 15 IPS और IAS को आरोपी बनाया गया था। IPS पूरन ने अपने लास्ट नोट में शत्रुजीत पर जातिगत भेदभाव, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए।

जब इस केस की जांच आगे बढ़ी तो IPS पूरन के परिवार ने शत्रुजीत के पद पर बने रहने का विरोध किया। इसके बाद IPS शत्रुजीत कपूर को अनिश्चितकालीन छुट्‌टी पर भेज दिया गया। उनकी जगह IPS ओपी सिंह को कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी दी गई। इसके कुछ समय बाद IPS शत्रुजीत को हरियाणा के DGP पद से हटा दिया गया।

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