MP के दक्षिणी हिस्से में सिस्टम एक्टिव, आंधी-बारिश:इंदौर समेत 15 जिलों में पानी गिरने, गरज-चमक का अलर्ट; कल भी ऐसा ही मौसम

मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्से में आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से दक्षिणी जिलों में मौसम बदला हुआ है। दिवाली की रात जबलपुर में तेज बारिश हुई तो मंगलवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी भी हुई।

ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने अलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 23, 24 और 25 अक्टूबर को भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व अरब सागर में एक निम्न दवाब क्षेत्र एक्टिव है। यह अगले 24 घंटे के दौरान अवदाब में परिवर्तित होने लगेगा। वहीं, चक्रवात की एक्टिविटी भी की है। इनका असर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में देखने को मिलेगा।

रात में ठंड, दिन में गर्मी का असर

हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी के बीच प्रदेश में रातें ठंडी भी हो गई है, लेकिन दिन गर्म है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में ऐसा ही मौसम रहेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा।

अक्टूबर में ऐसा ही मौसम रहेगा

मौसम विभाग ने अक्टूबर महीने में मौसम का मिला-जुला असर रहने की संभावना जताई है। रात व सुबह हल्की ठंड है तो दिन में धूप का असर बना रहेगा।

कहीं-कहीं बारिश का अनुमान भी है, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा।

भोपाल में 17.2 डिग्री पहुंचा रात का तापमान

मौसम का मिजाज बदलने से रात के तापमान में फिर गिरावट हुई है। सोमवार-मंगलवार की रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इंदौर में 18.6 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 19.5 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री रहा। राजगढ़ में सबसे कम 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

दतिया, धार, गुना, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, रतलाम, शिवपुरी, नौगांव, टीकमगढ़ में पारा 20 डिग्री से कम रहा।

नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी

मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का अहसास हो सकता है।

सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। आईएमडी ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है।

पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी की। बावजूद बारिश का दौर बना रहेगा।

इस बार प्रदेश में मानसून की ‘हैप्पी एंडिंग’ रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां ‘बहुत ज्यादा’ बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई।

एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है।

मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में दोगुनी बारिश हो गई।

इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया।

हालांकि, इनमें से तीन जिले- उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास ही है, लेकिन शाजापुर ‘बारिश की भारी कमी’ की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा।

भोपाल: 2012 में रिकॉर्ड 38 डिग्री रहा था तापमान

भोपाल में अक्टूबर का सामान्य औसत अधिकतम तापमान 32.7 और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा है। पिछले 10 साल में तापमान 33 डिग्री के पार ही रहा। 2015 में यह 37.3 डिग्री तक पहुंच चुका है। 2012 में पारा रिकॉर्ड 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

वहीं, न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री 12 अक्टूबर 2012 को रहा था। इस महीने बारिश का भी ट्रेंड है। साल 1955 में पूरे महीने साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। 6 अक्टूबर 2009 को 24 घंटे में रिकॉर्ड 5 इंच पानी गिरा था।

इंदौर: 25 साल पहले रिकॉर्ड 6.2 डिग्री रहा था न्यूनतम तापमान

इंदौर में भी तीनों मौसम देखने को मिलते हैं। पिछले 10 साल 2015 से 2024 की बात करें, तो दिन में एक बार 36 डिग्री और तीन बार 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रह चुका है। रात का टेम्प्रेचर 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।

अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में रात में ठंड का असर बढ़ जाता है। इस महीने इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड है। साल 2013 में सबसे ज्यादा 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी। पिछले साल 1 इंच पानी गिरा।

इंदौर में 22 अक्टूबर 2000 को दिन का तापमान 37.8 डिग्री तक पहुंच गया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है। 25 साल पहले 22 अक्टूबर 1999 को रात का तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह अब तक की सबसे ठंडी रात रही थी। वर्ष 1985 में अक्टूबर महीने में 9 इंच से ज्यादा बारिश हो गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 9 अक्टूबर 1985 को 6.19 इंच हुई थी।

ग्वालियर: 39 डिग्री तक पहुंच जाता है दिन का तापमान

ग्वालियर में अक्टूबर महीने में भी दिन में तेज गर्मी पड़ती है। वर्ष 2015 में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। पिछले 10 साल में अमूमन तापमान 35 से 39 डिग्री के बीच ही रहा है। 27 अक्टूबर 1994 को दिन का तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। यहां का औसत अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और औसत न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस है।

यहां जिस तरह से गर्मी पड़ती है, उसी तरह से ठंड का असर भी रहता है। 2018 में तापमान 11.9 डिग्री दर्ज किया गया था। 31 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री रहा था। 10 में से 8 साल बारिश का दौर भी रहा। वर्ष 2013 और 2022 में 4 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1956 में 8.68 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 13 अक्टूबर 1955 को हुई थी। इस दिन 6 इंच पानी बरस गया था।

जबलपुर: 73 साल पहले सबसे सर्द रही थी रात

जबलपुर में अक्टूबर महीने में औसत अधिकतम तापमान 31.8 और औसत न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। हालांकि, पिछले 10 साल में दिन-रात का पारा इससे अधिक ही रहा। 11 अक्टूबर 2015 को तापमान 36.1 डिग्री रहा था जबकि पिछले 2 साल से रात में तापमान 14 से 17.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

5 अक्टूबर 1966 को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। 30 अक्टूबर 1952 को न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री रहा था। वर्ष 1916 में सबसे ज्यादा 10.46 इंच मासिक बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश 4 अक्टूबर 1977 को हुई थी। पिछले साल हल्की बारिश दर्ज की गई थी।

उज्जैन: 10 में से 3 साल बारिश नहीं हुई

उज्जैन में पिछले 10 में से 3 साल अक्टूबर महीने में बारिश नहीं हुई। वर्ष 2009 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4.46 इंच हुई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 अक्टूबर 2009 को हुई थी। इस दिन 92 मिमी यानी 3.62 इंच बारिश हो गई थी।

दूसरी ओर, 5 अक्टूबर 2002 को दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे अधिक है। 29 अक्टूबर 1983 को न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री रहा था।

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