संसद के शीतकालीन सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही से पहले संसद परिसर में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से मुलाकात की। उन्होंने सांसदों से कहा कि राज्य के मौजूदा हालात को लेकर जनता से बातचीत की जरूरत है।
PM ने कहा- जमीनी स्तर पर जो कुछ हो रहा है, उसका कड़ा विरोध करना चाहिए। 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर, प्रधानमंत्री ने सांसदों से डिटेल में प्रेजेंटेशन तैयार करने, पॉलिटिकल प्लानिंग और लोगों को संगठित करने के लिए ग्राउंड वर्क पर काम पूरा करने का निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ने भाजपा सांसदों से कहा कि सांसद खगेन मुर्मू पर हमले जैसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से उजागर किया जाना चाहिए, ताकि वहां के लोग समझ सकें कि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में किस तरह हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर मकर द्वार के सामने नए लेबर लॉ के खिलाफ प्रदर्शन किया। कुछ विपक्षी सांसद दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ विरोध जताने के लिए गैस मास्क पहनकर पहुंचे।
लोकसभा में इस सत्र में पहली बार बिना रुकावट कामकाज हुआ
लोकसभा में आज सुबह 11 बजे से बिना किसी रुकावट के कार्यवाही चल रही है। शीतकालीन सत्र में पहली बार बिना किसी हंगामे के प्रश्नकाल शुरू हुआ। दरअसल, विपक्ष लगातार दो दिनों से SIR पर चर्चा की मांग कर रहा था।
मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक में इस पर सहमति बनी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया, 8 नवंबर को ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पर विशेष चर्चा होगी। वहीं, 9 नवंबर को ‘चुनाव सुधारों’ पर बहस होगी।
कांग्रेस के चीफ व्हिप के. सुरेश ने बताया, चुनाव सुधारों में SIR का मुद्दा भी होगा। ‘वंदे मातरम्’ पर बहस की शुरुआत PM नरेंद्र मोदी करेंगे। दोनों विषयों पर 10-10 घंटे चर्चा की जाएगी।