अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया के बाद करीब दो हजार अभ्यर्थियों की सिक्योरिटी मनी अब तक वापस नहीं हो सकी है। आवेदन के दौरान गलत बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड दर्ज होने के कारण रिफंड प्रक्रिया अटक गई है, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
विश्वविद्यालय द्वारा मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें शामिल अभ्यर्थियों से पांच-पांच हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा कराई गई थी। परीक्षा के बाद राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते सभी अभ्यर्थियों को भुगतान नहीं हो सका।
ई-मेल से मांगा जा रहा सही विवरण
प्रशासन के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों का रिफंड लंबित है, उनसे ई-मेल के माध्यम से सही बैंक खाता, आईएफएससी कोड और अन्य आवश्यक विवरण मांगे जा रहे हैं। सही जानकारी मिलते ही राशि लौटाने की कार्रवाई की जा रही है।
17 हजार अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा
बीएमसी, एमएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में करीब 17 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि लगभग 15 हजार अभ्यर्थियों की सिक्योरिटी मनी सफलतापूर्वक उनके खातों में भेज दी गई है।
गलत प्रविष्टियां बनीं बड़ी वजह
प्रशासन का कहना है कि कई अभ्यर्थियों ने साइबर कैफे के माध्यम से आवेदन कराया था, जहां खाता संख्या और आईएफएससी कोड में त्रुटियां रह गईं। इन्हीं गलत प्रविष्टियों के कारण करीब दो हजार अभ्यर्थियों का भुगतान रुका हुआ है।
जल्द निस्तारण का दावा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी लंबित मामलों का निस्तारण शीघ्र कर लिया जाएगा और सही विवरण देने वाले अभ्यर्थियों की राशि बिना देरी वापस कर दी जाएगी।