कांग्रेस ने रखी बीएलओ से घोषणा पत्र लेने की मांग:मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से कहा, जिस घर में 15 से अधिक वोटर वहां ध्यान दिया जाए

प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण शुरू होने के पहले राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस ने कहा है कि जिन घरों में 15 या अधिक वोटर हों वहां बीएलओ से अलग से घोषणा पत्र लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने इस बात पर आपत्ति की है कि एक माह में बीएलओ को तीन बार हर वोटर के घर जाने के लिए कहा गया है जो संभव नहीं है। यह जल्दबाजी में लिया गया फैसला है। जो बीएलओ एक ही क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं, उनकी अदला बदली कर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने यह बातें राजनीतिक दलों की बैठक में कहीं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कांग्रेस के अलावा बीजेपी, आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देश साझा किए।

कांग्रेस ने की ये आपत्तियां

एसआईआर को लेकर बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस की ओर से जेपी धनोपिया ने दस बिन्दुओं पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से सवाल कर जानकारी मांगी। धनोपिया द्वारा सीईओ एमपी इलेक्शन से किए गए सवाल और सुझाव

  • मतदान केंद्रों की संख्या में बढ़ाए गए सात हजार मतदान केंद्रों को शामिल नहीं किया गया है। इसके बिना बीएलए नियुक्त किया जाना संभव नहीं है।
  • मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण का कार्यक्रम जल्दबाजी में किया जा रहा है। एक माह 8 दिन के भीतर 5 करोड़ 74 लाख मतदाताओं की गणना पत्रक मतदाता सूची 2002 के आधार पर वितरित किया जाना संभव नहीं है।
  • बीएलओ को हर मतदाता के निवास पर 3 बार जाने की मात्र औपचारिकता दिखाई जा रही है जो एक माह में संभव नहीं है।
  • मतदाता सूची के लिए जो गणना पत्रक बीएलओ द्वारा मतदाताओं को घर-घर दिए जाएंगे यदि वह गणना पत्रक बीएलओ को वापस नहीं मिलते हैं लेकिन मतदाता सूची 2025 में जिन वोटर्स के नाम हैं, उनके नाम मतदाता सूची से विलोपित नहीं किए जाने चाहिए।
  • मतदाता गणना पत्रक फार्म हिन्दी भाषा में भरकर वितरित किया जाना चाहिए।
  • जो बीएलओ एक ही क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं, उनकी अदला बदली कर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
  • मतदाता के वर्तमान फोटो बीएलओ के द्वारा हासिल कर मतदाता सूची में उल्लेखित की जाना चाहिए।
  • मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए।
  • एक ही निवास पर 10 से 15 या अधिक वोटर के नाम होने पर सत्यापित करने की जिम्मेदारी के लिए बीएलओ से अलग से घोषणा पत्र लेना चाहिए।
  • मतदाता सूची तैयार करते समय किसी मकान का नम्बर शून्य नहीं होना चाहिए। उसके लिए प्रशासन की ओर से नई मकान संख्या आवंटित कराया जाना चाहिए।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण की एसआईआर की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसमें मध्यप्रदेश भी शामिल हैं। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उन्होंने आग्रह किया है कि वे अनिवार्य रूप से बीएलए की नियुक्त कर दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू होते ही मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है।

    भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट वोटर्स.डॉट.ईसीआई.इन पर जाकर 2003 की मतदाता सूची को देखा जा सकता है। इसके अलावा मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तीन बार बीएलओ घर घर जाकर सर्वे करेगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति झूठी घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।

    बैठक के दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी और राजेश यादव सहित कांग्रेस पार्टी से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी एवं एसएस उप्पल, आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे।

    28 अक्टूबर से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी प्रक्रिया

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 8 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस बीच 28 से 3 नवंबर तक बीएलओ को ट्रेनिंग दी जाएगी। बीएलओ द्वारा 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा। दावा आपत्तियों के आवेदन 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 7 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।

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