केंद्र बजट में पंजाब को क्या-क्या मिला:तिलहन-दलहन को बढ़ावा, छोटे उद्योगों को लोन-सरकारी सब्सिडी पहले से ज्यादा मिलेगी

केंद्र सरकार के 2026 के बजट में पंजाब को कई अहम सौगातें मिली हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में गेहूं और धान के चक्र से बाहर निकलने के लिए तिलहन और दलहन की खेती पर विशेष प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जो फसल विविधीकरण को अपनाएंगे।

इसके अलावा सरकार ने MSME सेक्टर में निवेश की सीमा बढ़ा दी है। इससे लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे औद्योगिक शहरों को लाभ मिलेगा। अब छोटे और मध्यम उद्योगों को पहले से ज्यादा ऋण और सरकारी सब्सिडी मिल सकेगी।

इसके साथ ही लुधियाना के होजरी उत्पाद या जालंधर के खेल सामग्री जैसे उत्पादों को वैश्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लाने के लिए चैंपियंस पोर्टल के जरिए एक विशेष ‘निर्यात डेस्क’ (Export Desk) बनाई जाएगी।

वहीं रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। साथ ही उत्तर भारत में लॉजिस्टिक्स सुधारों से पंजाब के सामान को बंदरगाहों तक पहुंचाना अब आसान और सस्ता होगा।

4 पॉइंट में जानिए पंजाब को क्या लाभ मिलेगा

  • चैंपियंस 2.0 का विस्तार: सरकार ने घोषणा की है कि चैंपियंस पोर्टल को अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग के साथ अपग्रेड किया जाएगा। इससे MSMEs की शिकायतों का समाधान और भी तेजी से होगा। अब सिस्टम खुद ही उन क्षेत्रों की पहचान करेगा, जहां छोटे उद्योगों को कच्चा माल मिलने में दिक्कत हो रही है।
  • ‘एक्सपोर्ट हब’ के रूप में विकास: वित्त मंत्री ने कहा कि चैंपियंस पोर्टल के जरिए अब छोटे उद्योगों को सीधे विदेशी बाजारों से जोड़ा जाएगा। लुधियाना के होजरी उत्पाद या जालंधर के खेल सामग्री जैसे उत्पादों को वैश्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लाने के लिए इस पोर्टल पर एक विशेष ‘निर्यात डेस्क’ (Export Desk) बनाई जाएगी।
  • क्रेडिट गारंटी और आसान ऋण: भाषण में स्पष्ट किया गया कि चैंपियंस पोर्टल अब बैंकों के साथ और गहराई से जुड़ेगा। पोर्टल पर पंजीकृत उद्यमों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के ‘प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट’ की सुविधा दी जाएगी।
  • MSME क्लस्टर के लिए डेटा डैशबोर्ड: वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि चैंपियंस पोर्टल अब राज्यों के विशिष्ट औद्योगिक क्लस्टर (जैसे पंजाब के स्टील या साइकिल उद्योग) के लिए एक डेटा डैशबोर्ड का काम करेगा। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस विशेष क्षेत्र को सब्सिडी या नई मशीनों की जरूरत है।

पंजाब सरकार ने केंद्र से ये मांगें की थीं…

  • बाढ़ से ₹12,905 करोड़ का नुकसान: पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव व बाढ़ के कारण पंजाब को भारी नुकसान झेलना पड़ा। पंजाब सरकार ने कहा है कि इस बाढ़ से 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। जिससे कुल ₹12,905 करोड़ का नुकसान हुआ।
  • RDF और डेवलपमेंट फंड: राज्य सरकार ने केंद्र से ₹7,757 करोड़ के ग्रामीण विकास फंड (RDF) के बकाया को तुरंत जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फंड रुकने के कारण ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है।
  • खेती और पानी की बचत: धान की खेती से हटकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने प्रोत्साहन राशि को दोगुना कर ₹15,000 प्रति एकड़ करने की मांग की, ताकि पंजाब के तेजी से गिरते भूजल को बचाया जा सके।
  • GST से राजस्व का घाटा: सरकार ने GST के बाद पंजाब के रेवेन्यू को नुकसान हुआ है। राज्य को सालाना लगभग ₹6,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इसकी भरपाई के लिए एक सिस्टम बनाने की मांग की।
  • मनरेगा और स्वास्थ्य मिशन: उन्होंने मनरेगा के प्रस्तावित बदलावों का विरोध किया और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के फंड में की गई कटौती को बहाल करने की मांग की।
  • पुलिस मॉर्डनाइजेशन के लिए ₹1,000 करोड़: सीमा पार से होने वाले खतरों और नशीले पदार्थों की तस्करी (ड्रोन के जरिए) से निपटने के लिए, उन्होंने पुलिस बल के मॉर्डनाइजेशन और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए ₹1,000 करोड़ की विशेष केंद्रीय सहायता मांगी।
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