प्रदेश की न्याय व्यवस्था में गुरुवार को ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। कोटपूतली-बहरोड़ के पावटा कोर्ट में चार्जशीट पेश होने के बाद महज 5:30 घंटे में ही जज डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने फैसला सुना दिया। चोरी के तीनों दोषियों को 3-3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
5 जनवरी को वारदात, 27 को आरोपी गिरफ्तार
दरअसल, वारदात 5 जनवरी की रात नारायणपुर मोड़ पर हुई थी। चोर हरिओम जनरल स्टोर, श्री श्याम मिष्ठान भंडार, एमएस मोबाइल सेंटर और मानवी हेल्थ केयर के शटर तोड़कर नकदी ले गए थे।
प्रागपुरा थाना प्रभारी भजनाराम की टीम ने 27 जनवरी को विजयपाल और कपिल निवासी गण्डाला (नीमराना) और राजेश निवासी फतेहपुरा (नीमराना) को गिरफ्तार कर लिया। 29 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया।
5ः30 घंटे में ट्रायल पूरा, सुनाई सजा
प्रागपुरा पुलिस ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे चार्टशीट पेश की। इसके महज 5:30 घंटे में ट्रायल पूरा कर लिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अजय कुमार बिश्नोई ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया और तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुना दी। साथ ही तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
जज ने न लंच लिया, न चैंबर को समय दिया
अभियोजन अधिकारी डॉ. पंकज यादव ने बताया- कोर्ट में रिकॉर्ड समय में 7 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 50 अहम दस्तावेज देखे। ये राजस्थान का संभवतः पहला ऐसा मामला है, जब चालान पेश होने के दिन ही गवाही, दस्तावेज प्रदर्शन (डॉक्यूमेंट प्रजेंटेशन) और बहस पूरी कर फैसला सुनाया गया। इस दौरान जज ने न लंच लिया, न चैंबर को समय दिया।
दरअसल, कोटपूतली-बहरोड़ के जिला एवं सेशन न्यायाधीश रवि शर्मा ने चोरी, लूट जैसे मामलों में शीघ्र निर्णय किए जाने के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।