एक्शन हुआ है। पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
जल बोर्ड ने 3 अधिकारियों को सस्पेंड भी किया है। इनमें एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। वहीं, DJB ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की बात कही है।
इधर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर X पोस्ट में लिखा- यह हादसा नहीं, हत्या है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है और वह जवाबदेही से भाग रही है। कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है
दरअसल, 5 फरवरी की देर रात कमल भयानी (25) की दिल्ली जब बोर्ड की कंस्ट्रक्शन साइट पर खोदे गड्ढे में गिरकर मौत हुई। 6 फरवरी की सुबह 8 बजे PCR कॉल मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।इसके बाद कमल का शव निकाला गया। वह कैलाशपुरी का रहने वाला था और प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था।
राहुल गांधी की X पोस्ट…
हिंदुस्तान में फैली लालच और लापरवाही की महामारी आज फिर एक युवा की जान ले गई। एक बेटा, एक सपना, मां-बाप की पूरी दुनिया, सब कुछ एक झटके में उजाड़ दिया गया। यह हादसा नहीं, हत्या है और हत्यारी है जवाबदेही से भागती सत्ता। असली कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है। क्योंकि यहां न इस्तीफा होता है, न सजा मिलती है, न किसी की अंतरात्मा जागती है।
परिवार बोला: 7-8 पुलिस स्टेशन गए, मदद नहीं मिली
मृतक के जुड़वां भाई करण ने बताया- हम तीन भाई हैं और हम दोनों जुड़वां हैं। हम कल रात से कमल ढूंढ रहे थे, अलग-अलग इलाकों में घूम रहे थे। हम 7-8 पुलिस स्टेशन गए, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की और शिकायत भी दर्ज नहीं की।
करण ने कहा कि सुबह मैंने उसको फोन किया तो पुलिस ने फोन उठाकर हमें बताया कि वह मरा हुआ मिला है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने कमल की बॉडी और मोटरसाइकिल को गड्ढे में पड़ा देखा।
कमल के दोस्त मयंक ने कहा कि कमल से आखिरी बात रात 11.30 बजे हुई थी। उसने कहा था कि वह डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास है और 15 मिनट में घर पहुंच जाएगा। आधे घंटे तक न आने पर परिजन उसे खोजने निकले और जनकपुरी पुलिस स्टेशन भी पहुंचे। पुलिस ने फोन ट्रेस किया लेकिन जो लोकेशन मिली वहां पर कमल नहीं था।
मयंक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में शिकायत दर्ज करने या खोज शुरू करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने कहा कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। अगर समय पर तलाश होती तो जान बच सकती थी। मयंक ने आशंका जताई कि कमल की हत्या कर शव गड्ढे में फेंका गया।
मंत्री आशीष सूद बोले- लापरवाही पर बख्शा नहीं जाएगा
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा, मुझे इस दुखद घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30-9:00 बजे मिली, और मैं तब से मौके पर ही हूं। यह बहुत दुखद घटना है जिसमें एक जवान आदमी की असमय मौत हो गई। अब तक मिली जानकारी के आधार पर, सभी ज़रूरी सावधानियां बरतने और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी की तरफ से कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
AAP नेता सौरभ बोले- भाजपा टैक्स का पैसा पार्टी फंड में डालती है
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि बेशर्म BJP सरकार टैक्स देने वालों का पैसा अपनी पार्टी फंड के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। वे खुलेआम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मुआवजा और नौकरियां दे रहे हैं, जबकि सैकड़ों आम लोग मारे गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह मेन रोड दिल्ली सरकार के PWD के अंडर आती है, और इसे DJB ने खोदा था। लोकल RWA ने इस खतरे के बारे में अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, लेकिन कौन सुनता है? यह हादसा होना ही था। शिकायतों के बावजूद, इस मौत के जाल को ठीक से बैरिकेड नहीं लगाया गया ताकि लोगों की जान न जाए।
16 जनवरी: नोएडा में इंजीनयर की मौत
16 जनवरी को नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई थी। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया।
इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गड्ढे में गिर गई।
युवराज की कार गड्ढे में गिरते ही दलदल में समाने लगी। युवराज किसी तरह कार से निकलकर उसके ऊपर चढ़ गए। पिता को फोन करके पूरी घटना बताई। डायल-112 पर सूचना देकर पिता मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह भी फोर्स के साथ वहां आए। दमकल कर्मी भी छोटी-बड़ी क्रेन के साथ पहुंचे।