न मैं गिरी, न मेरी उम्मीदों की मीनार गिरी।
पर लोग मुझे गिराने में कई बार गिरे।
सवाल जहर का नहीं था, वो तो मैं हंसते-हंसते पी गई।
तकलीफ लोगों को तब हुई, जब मैं फिर से जीत गई।”
कानपुर की सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी ने यह शायरी गुरुवार को विधानसभा में पढ़ी। लेम्बोर्गिनी कांड का भी मुद्दा उठाया। कहा- हाल ही में लेम्बोर्गिनी कार हादसा हुआ, जिसमें कार चलाने वाला नशे में था।
युवाओं में बढ़ती नशे की लत भी बड़ा चिंता का विषय है। शहर में लगातार युवा शराब और नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसका कारोबार करने वाले लोग बढ़ रहे हैं। स्कूलों के आसपास भी नशा फैल रहा है।
महिलाओं की कढ़ाई, बुनाई और स्किल के लिए ट्रेनिंग सेंटर की मांग
नसीम ने कहा-ऐसा लगता है कि प्रदेश की तस्वीर कागजों पर कुछ और है, जबकि जमीन पर इसकी हकीकत कुछ और है। सीसामऊ विधानसभा समस्याओं से जूझ रही है। सबसे गंभीर विषय महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती छेड़छाड़, अपराध की घटनाएं और घरेलू हिंसा हैं, जिससे महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
सड़क-नाले धंस रहे हैं, मरम्मत समय से नहीं हो रही
नसीम ने कहा-शहर में विकास का ढांचा ध्वस्त हो चुका है। सीसामऊ विधानसभा में बार-बार सड़क धंस रही है। कई दिनों तक मरम्मत का काम नहीं हो पाता, जिससे क्षेत्र की जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जब तक जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक विकास के दावे अधूरे हैं।
नसीम ने 5 मांगें रखीं
- विधानसभा में धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाए। वनखंडेश्वर मंदिर, ईदगाह परिसर, जीटी रोड गुरुद्वारा और पत्थर शाह बाबा की दरगाह के लिए एक-एक करोड़ रुपए मिले।
- एक महिला विकास केंद्र और कौशल विकास केंद्र की स्थापना कराई जाए, जहां पढ़ाई, कढ़ाई, बुनाई और डिजिटल लघु उद्योग के लिए ट्रेनिंग दी जा सके।
- वाल्मीकि बस्ती में बारात घर बनवाया जाए।
- डॉ. आंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा लगवाने की भी मांग रखी।
- महिलाओं के लिए अयोध्या, काशी, मथुरा, अमृतसर, निजामुद्दीन दरगाह और अजमेर के लिए निशुल्क बसें चलाई जाएं।
अब तक 11 बार सदन में बोल चुकी हैं नसीम
नसीम सोलंकी को उपचुनाव में जीत मिली थी। एक साल से अधिक समय बीत चुका है। अब तक 11 बार नसीम को सदन में बोलने का अवसर मिला है। पहली बार उन्होंने सदन में शायरी पढ़ी थी—
जिनके हौसले सच्चे होते हैं, वो कैद में रहकर भी मुकद्दर लिखते हैं…तूफानों से कह दो औकात में रहें, हम परिंदे नहीं जो घरों में कैद हो जाएं।
8 फरवरी को लेम्बोर्गिनी ने 6 लोगों को टक्कर मारी थी
8 फरवरी को कानपुर के वीआईपी रोड पर करीब 14 करोड़ की लेम्बोर्गिनी कार ने 6 लोगों को टक्कर मार दी थी। कार आर्यनगर निवासी तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा से जुड़ी बताई गई। हादसे के बाद पुलिस कार को थाने ले आई, लेकिन पहले FIR दर्ज नहीं की। मामला सुर्खियों में आने और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद 6 घंटे बाद अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और 24 घंटे बाद शिवम का नाम जोड़ा गया।
बाद में कारोबारी ने दावा किया कि कार ड्राइवर मोहन चला रहा था, जबकि घायल पक्ष की ओर से समझौते की बात भी सामने आई, जिसे पुलिस ने खारिज किया। ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर खुद को चालक बताया, लेकिन कोर्ट ने उसे आरोपी मानने से इनकार कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया, पर कोर्ट ने 14 दिन की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए 20 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर महज 7 घंटे में जमानत दे दी।