मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई है। थोड़ी देर में ये मीटिंग शुरू होगी। कैबिनेट से रोजगार को लेकर बड़े ऐलान हो सकते हैं। नई सरकार के गठन के बाद यह कैबिनेट की तीसरी बैठक है।
पिछली बैठक में लिए गए थे कई बड़े फैसले
इससे पहले 9 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 19 एजेंडों को मंजूरी दी थी। उस बैठक में पहले से कार्यरत 45 विभागों के साथ-साथ तीन नए विभागों के गठन को भी स्वीकृति दी गई थी, जिसे सरकार के एक बड़े प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा गया।
युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग से युवाओं को स्किल्ड बनाने पर ध्यान
बिहार में पहले 45 विभाग काम कर रहे थे। अब 3 नए विभाग बनने के बाद विभागों की संख्या 48 हो गई है। अब सरकार का फोकस युवाओं को नौकरी और रोजगार देने पर रहेगा।अभी तक ये विभाग सीधा श्रम संसाधन विभाग से जुड़ा हुआ था। अब इसे पूरी तरीके से इंडिपेंडेंट किया जाएगा।
इस विभाग का सीधा संबंध रोजगार से जुड़ा होगा। इससे पहले 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी थी तो उन्होंने सबसे पहले कौशल विकास के एक अलग विभाग की शुरुआत की थी।
उस समय बिहार में कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना होनी थी, लेकिन अभी तक नहीं हो पाई। विभाग बनने के बाद इस काम में तेजी आ सकती है। बिहार में कौशल विकास को लेकर नई-नई योजनाएं शुरू हो सकती हैं।
उच्च शिक्षा विभाग- रिसर्च के साथ प्रोफेशनल कोर्सेज बढ़ेंगे
अभी तक बिहार में एजुकेशन का सारा काम केवल शिक्षा विभाग के माध्यम से ही किया जा रहा है। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सभी का काम शिक्षा विभाग के माध्यम से हो रहा था। जबकि अन्य राज्यों में यहां तक कि बिहार से अलग हुए झारखंड में भी उच्च शिक्षा का अलग विभाग है।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिली थी राहत
इसके अलावा बिहार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का 5% महंगाई भत्ता बढ़ाया गया था। साथ ही राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए राज्य सरकार विद्यार्थी कौशल प्रोग्राम चलाएगी। यह प्रोग्राम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड की मदद से चलाया जाएगा।
वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए BSF जवान मोहम्मद इम्तियाज के बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। वहीं, सुधीर कुमार तात्कालिक जिला प्रबंधक खाद निगम रोहतास को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई है।