पंजाब कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करते हुए 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। 27 जिला प्रधानों की नियुक्ति की गई। इसकी सूची ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की तरफ से जारी कर दी गई। इसमें कई विधायकों व पूर्व विधायकों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब तीन महीने से यह प्रक्रिया चल रही थी, क्योंकि नवंबर में ही प्रधानों का तीन-तीन साल का कार्यकाल खत्म हो रहा था।
इसके साथ ही सूरज ठाकुर व हीना कावरे को पंजाब का सचिव नियुक्त किया गया है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इसका स्वागत किया है। उनका कहना है कि उम्मीद है कि इससे पार्टी काे मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस द्वारा इन लोगों को सौंपी गई जिलों की जिम्मेदारी
अमृतसर रूरल – सुखविंदर सिंह डैनी
अमृतसर अर्बन – सौरभ मदान
बरनाला – कुलदीप सिंह काला
बठिंडा रूरल – प्रीतम सिंह
बठिंडा अर्बन – राजन गर्ग
फरीदकोट – नवदीप सिंह बराड़
फतेहगढ़ साहिब – सुरिंदर सिंह
फाजिल्का – हरप्रीत सिंह सिद्धू
फिरोजपुर – कुलबीर सिंह जीरा
गुरदासपुर – बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा
होशियारपुर – दलजीत सिंह
जालंधर अर्बन – राजिंदर बेरी
जालंधर रूरल – हरदेव सिंह
कपूरथला – बलविंदर सिंह धालीवाल
लुधियाना रूरल – मेजर सिंह मुल्लांपुर
लुधियाना अर्बन – संजीव तलवार
मोगा – हरि सिंह
मोहाली – कमल किशोर शर्मा
मुक्तसर – शुभदीप सिंह बिट्टू
पठानकोट रूरल – पन्ना लाल भाटिया
पटियाला रूरल – गुरशरण कौर रंधावा
पटियाला अर्बन – नरेश कुमार दुग्गल
रोपड़ – अश्वनी शर्मा
संगरूर – जगदेव सिंह
नवांशहर – अजय कुमार
तरनतारन – राजबीर सिंह भुल्लर
तीन प्वाइंटों में जाने नए प्रधानों की नियुक्ति की स्ट्रेटजी
1. कांग्रेस की पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश
27 जिलों में नए प्रधानों की नियुक्ति से पार्टी ने अपने संगठन को पुनः जीवंत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इससे स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की गतिविधियां तेज होंगी।
2. 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी
प्रत्येक जिले में मजबूत नेतृत्व खड़ा कर पार्टी बूथ स्तर तक चुनावी तैयारी शुरू करना चाहती है। इससे पार्टी को क्षेत्रवार चुनावी समीकरण समझने और अभियान चलाने में मदद मिलेगी। हालांकि पिछले डेढ़ साल में कांग्रेस ने कई मुहिम चलाकर इस दिश में काम किया है।
3. संतुलन और गुटबाजी खत्म करने की कोशिश
नए प्रधानों में विधायकों, पूर्व विधायकों और संगठन से जुड़े नेताओं को शामिल कर पार्टी ने यह संदेश दिया है कि अनुभव और युवा जोशदोनों को बराबर महत्व मिलेगा। इससे गुटबाजी कम करने और एकता का संकेत भी जाता है
भारत जोड़ो यात्रा के समय बने थे प्रधान
19 नवंबर 2022 में कांग्रेस ने जिला प्रधानों की घोषणा की थी। उस समय राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा चल रही थी। वहीं, कई सीनियर नेता कांग्रेस छोड़कर भाजपा व अन्य पार्टियों में शामिल हो गए थे। ऐसे में उस समय विधायक को जिम्मेदारी देकर मोर्चा संभाला गया था। वहीं, कांग्रेस में प्रधानों का कार्यकाल 3 साल का होता है। इस हिसाब से 3 महीने बाद चुनाव तय थे।