पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर इलेक्शन पिटीशन पर कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि मंत्री ने लुधियाना चुनाव में धनबल का इस्तेमाल किया था। कोर्ट ने संजीव अरोड़ा व उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले 13 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया था। इसमें से संजीव अरोड़ा समेत कुल 11 उम्मीदवार कोर्ट में अपीयर हो गए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले में अगली सुनवाई 14 नवंबर को होनी है। प्रमुख उम्मीदवारों में से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार परोपकार सिंह घुम्मन, कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु के वकील कोर्ट में अपीयर भी हो गए हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार ने अब कोर्ट का नोटिस रिसीव किया है।
चार उम्मीदवार ने सम्मन रिसीव किए
भाजपा उम्मीदवार जीवन गुप्ता समेत चार उम्मीदवारों ने नोटिस रिसीव कर दिए लेकिन अभी उनका प्रतिनिधि कोर्ट में पेश नहीं हुआ जबकि तीन निर्दलीय उम्मीदवारों के नोटिस अब भी अनसर्व हैं। 31 अक्तूबर को कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए तीनों को फिर से नोटिस जारी कर 14 नवंबर को पेश होने को कहा है।
जून में हुआ था उपचुनाव
लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए दो जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। 19 जून को मतदान हुआ था। 23 जून को मतगणना हुई और उसके बाद चुनाव परिणाम घोषित किए गए।
तरनतारन इलेक्शन में भी ध्यान रखे चुनाव आयोग
पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य जसकीरत सिंह ने चुनाव आयोग से अपील की है कि तरनतारन चुनाव में भी धन बल का इस्तेमाल हो रहा है। उसे रोकने के लिए चुनाव आयो ध्यान दे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सख्ती से नियमों का पालन करवाए।
क्या थी इलेक्शन याचिका?
लुधियाना पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी की मौत के बाद जून में इस सीट पर उपचुनाव हुए। उपचुनाव में आम आदमी पार्टी ने संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया। पब्लिक एक्शन कमेटी की तरफ से जसविंदर सिंह मल्ली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की कि संजीव अरोड़ा ने धनबल के आधार पर चुनाव जीता है इसलिए इसे रद्द किया जाए।
22 अगस्त को हुई थी याचिका पर सुनवाई शुरू
चुनाव परिणाम के बाद पब्लिक एक्शन कमेटी ने इलेक्शन कमिशन को शिकायत दी लेकिन इलेक्शन कमिशन ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक इलेक्शन पिटीशन दायर की। 22 अगस्त को कोर्ट में पहली बार सुनवाई हुई।
पीएसी ने लगाए थे ये आरोप
पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य जसकीरत सिंह ने बताया कि उपचुनाव में चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों की उल्लंघना हुई। उन्होंने बताया कि चुनाव में धनबल का प्रयोग किया गया। जसकीरत सिंह ने बताया कि उन्होंने पूरे तथ्यों के साथ इलेक्शन याचिका कोर्ट में दायर की और याचिका के साथ लगाए गए तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने उसे स्वीकार किया और सुनवाई शुरू की।
शिअद उम्मीदवार बोले, डटकर केस की पैरवी करेंगे
शिअद उम्मीदवार एडवोकेट परोपकार सिंह घुम्मन ने बताया कि उन्हें हाईकोर्ट से इस मामले में नोटिस मिला था। उनके वकील कोर्ट में अपीयर हो गए। उन्होंने बताया कि इस केस में वो पार्टी बनेंगे और अपनी तरफ से भी पूरे केस की पैरवी करेंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान उन्होंने भी इलेक्शन कमिशन को शिकायतें दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नोटिस मिलने पर अपीयर हो गए
कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण आशु ने कहा कि ये मामला उनकी लीगल टीम देख रही है। वही इस बारे में बता सकते हैं। उनके लीगल मामले देखने वाले एडवोकेट तेजस ने बताया कि उन्हें नोटिस मिला था। इस मामले में उनके वकील पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपीयर हो गए। उन्होंने बताया कि याचिका पढ़ने के बाद देखेंगे कि उसमें क्या तथ्य एड कर सकते हैं।
उम्मीदवार ने चुनाव आयोग को दिए खर्च का ब्योरा जानिए:
संजीव अरोड़ा, आम आदमी पार्टी: संजीव अरोड़ा ने अपने चुनाव पर 27 लाख 50 हजार 344 रुपए खर्च किए हैं। जिसमें से 15 लाख 48 हजार 843 रुपए उन्होंने अपने अकाउंट से खर्च किए। उन्हें पार्टी ने कोई पैसा चुनाव लड़ने के लिए न हीं दिया।
जीवन गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी: जीवन गुप्ता ने अपने चुनाव पर कुल 24 लाख 86 हजार 271 रुपए खर्च किए। अपने अकाउंट से सिर्फ 51 हजार रुपए खर्च किए। उन्हें पार्टी ने चुनाव लड़ने के लिए 30 लाख रुपए दिए थे।
भारत भूषण आशु, कांग्रेस: आशु ने अपने चुनाव पर 27 लाख 67 हजार 509 रुपए खर्च किए। जिसमें से 3 लाख 92 हजार 116 रुपए अपने अकाउंट से खर्च किए। पार्टी ने उन्हें 15 लाख रुपये दिए।
परउपकार सिंह घुम्मन, शिअद: एडवोकेट परउपकार सिंह घुम्मन ने अपने चुनाव पर 10 लाख 79 हजार 956 रुपए खर्च किए। अपने अकाउंट से 4 लाख 92 हजार 674 रुपए खर्च किए जबकि पार्टी ने उन्हें कोई फंड नहीं दिया।