नालंदा के सरकारी विद्यालयों में बेंच-डेस्क आपूर्ति को लेकर उठे घोटाले के आरोपों की अब फिर से जांच होगी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलास्तरीय जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। डीडीसी शुभम कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी खजाने के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों।
51 हजार बेंच-डेस्क की आपूर्ति में गड़बड़ी
वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न एजेंसियों की ओर से जिले के सरकारी स्कूलों में कुल 51 हजार बेंच-डेस्क की आपूर्ति की गई थी। जब जिला शिक्षा पदाधिकारी (स्थापना) आनंद शंकर ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो आपूर्तिकर्ता एजेंसियों की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराए गए कागजातों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं।
इस मामले में डीपीओ ने 59 विद्यालयों के प्राचार्यों से स्पष्टीकरण मांगा था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकंगरसराय और परवलपुर प्रखंड के खंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को संबंधित प्राचार्यों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आदेश जारी किया गया।
शिक्षकों ने डीडीसी से लगाई गुहार
प्रपत्र ‘क’ गठन के आदेश के बाद शिक्षक बिरादरी में हड़कंप मच गया। एकंगरसराय और परवलपुर प्रखंडों के दर्जनों शिक्षक डीडीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी सफाई पेश की। शिक्षकों ने अपने आवेदनों में स्पष्ट किया कि स्कूलों को बेंच-डेस्क खरीदने के लिए किसी भी माध्यम से कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
शिक्षकों का तर्क है कि आपूर्तिकर्ता एजेंसी ने न तो विद्यालयों से किसी प्रकार की राशि की मांग की और न ही कोई वित्तीय लेन-देन हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी ने किस मद से बेंच-डेस्क की आपूर्ति की, इसकी जानकारी तक प्राचार्यों को नहीं दी गई। ऐसे में हेड-मास्टर को दोषी ठहराना अनुचित है।
जांच के दायरे से बाहर रहे कई अहम लोग
दिलचस्प बात यह है कि अब तक की जांच में केवल पूर्व स्थापना डीपीओ को ही दोषी माना गया है। जबकि, बेंच-डेस्क की गुणवत्ता जांच करने वाली टीम तक जांच का दायरा नहीं पहुंच सका है। नियमानुसार, गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही एजेंसी को भुगतान किया जाना चाहिए था, लेकिन इस प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जिलास्तरीय जांच की तैयारी
डीडीसी शुभम कुमार ने आश्वासन दिया है कि मामले की तह तक जाने के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमें लगातार शिकायतें मिल रही हैं। हम पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।