भोपाल में गौमांस मामले को लेकर आज प्रदर्शन:सीएम हाउस तक पैदल मार्च करेगा जय मां भवानी संगठन

भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने मांस से भरे ट्रक के पकड़े जाने के मामले को लेकर सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। जय मां भवानी संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संगठन ने ऐलान किया है कि 13 जनवरी को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे। जय मां भवानी संगठन के अनुसार, 13 जनवरी को दोपहर 1 बजे होटल पलाश से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च किया जाएगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन से जुड़े भानु हिंदू ने कहा कि यह प्रदर्शन गौमाता के सम्मान और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर किया जा रहा है।

जांच समिति से लेकर रासुका तक की मांग

संगठन ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति बनाई जाए, जिसमें संगठन के दो सदस्यों को भी शामिल किया जाए। जांच रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर तैयार कर जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

संगठन ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामले के शीघ्र निपटारे और दोषियों पर कड़ी सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही घटनाक्रम में शामिल लोगों पर रासुका लगाने, इस्तेमाल की गई गाड़ी को राजसात करने और संबंधित व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच कर अवैध संपत्ति जब्त करने की मांग भी रखी गई है।

अधिकारियों पर कार्रवाई, स्लॉटर हाउस बंद हो

जय मां भवानी संगठन से भानू हिंदू का कहना है कि जिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण 26.5 टन मांस से भरा ट्रक संबंधित कंपनी को सौंपा गया, उन सभी विभागों के अधिकारियों पर विभागीय जांच होनी चाहिए। जो अधिकारी सीधे तौर पर लिप्त हैं, उन्हें निलंबित कर एफआईआर में नाम जोड़े जाने की मांग की गई है। संगठन ने भोपाल में संचालित स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद करने और अवैध पशुवध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।

लैब, पशु चिकित्सालय और निगम व्यवस्थाओं पर सवाल

संगठन का आरोप है कि मांस की जांच के लिए नमूने मथुरा भेजे जाने के कारण रिपोर्ट में करीब 20 दिन की देरी हुई। इस वजह से भोपाल में ही आधुनिक जांच लैब स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में जांच रिपोर्ट समय पर मिल सके। इसके अलावा नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए गए हैं।

संगठन ने दुर्घटनाग्रस्त, बीमार और मृत गायों को उठाने के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ाने, टोल-फ्री नंबर को प्रभावी बनाने और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। बरसात और सर्दी के मौसम में बढ़ने वाले एक्सीडेंट मामलों को देखते हुए भोपाल के अन्य क्षेत्रों में पशु चिकित्सालय खोलने की भी मांग की गई है।

टेंडर रद्द करने और ब्लैकलिस्ट की मांग

संगठन ने मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों और उनकी कंपनियों को नगर निगम द्वारा दिए गए सभी टेंडर निरस्त किए जाएं और भविष्य के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही जिन लोगों पर गौहत्या के दो या उससे अधिक मामले दर्ज हैं, उन पर समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और पूरे प्रदेश में रासुका लगाने की मांग की गई है। जय मां भवानी संगठन का कहना है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

जय मां भवानी संगठन की प्रमुख मांगें

  • सरकार वर्तमान घटनाक्रम को लेकर एक विशेष जांच समिति गठित करे, जिसमें जय मां भवानी संगठन के दो सदस्यों को भी शामिल किया जाए।
  • सरकार 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार करे और जिम्मेदार अधिकारियों व दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामले का शीघ्र निपटारा किया जाए और दोषियों पर कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
  • पूरे मामले में लिप्त दोषियों पर रासुका की कार्रवाई की जाए। घटना में प्रयुक्त वाहन को राजसात किया जाए तथा संबंधित व्यक्तियों और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियों की जांच कर अवैध संपत्ति जब्त की जाए।
  • जिन अधिकारियों की लापरवाही से 26.5 टन मांस से भरा ट्रक संबंधित कंपनी को सौंपा गया, उन सभी विभागों के अधिकारियों पर विभागीय जांच की जाए। जो अधिकारी सीधे तौर पर लिप्त पाए जाएं, उन्हें निलंबित कर एफआईआर में नाम जोड़ा जाए।
  • भोपाल में संचालित स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद किया जाए और अवैध पशुवध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  • जिस मांस से संबंधित व्यक्ति या कंपनियों ने आर्थिक लाभ अर्जित किया है, उसकी रिकवरी कर राशि को गौवंश कल्याण के लिए सरकारी खजाने में जमा कराया जाए।
  • मांस की जांच रिपोर्ट में देरी को देखते हुए भोपाल में आधुनिक जांच लैब स्थापित की जाए, ताकि भविष्य में जांच रिपोर्ट समय पर मिल सके।
  • संबंधित व्यक्तियों और उनकी कंपनियों को नगर निगम द्वारा जारी सभी टेंडर निरस्त किए जाएं और उन्हें स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाए।
  • नगर निगम द्वारा दुर्घटनाग्रस्त, बीमार और मृत गायों को उठाने के लिए पर्याप्त गाड़ियों की व्यवस्था की जाए। टोल-फ्री नंबर को प्रभावी बनाया जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो।
  • बरसात और सर्दी के मौसम में बढ़ने वाले एक्सीडेंट मामलों को देखते हुए भोपाल के अन्य क्षेत्रों में भी पशु चिकित्सालय खोले जाएं।
  • जिन व्यक्तियों के खिलाफ गौवंश हत्या के दो या उससे अधिक प्रकरण दर्ज हैं, उनके खिलाफ समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और पूरे मध्य प्रदेश में रासुका लागू की जाए।
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