राजस्थान सरकार के पूर्व मुख्य सचिव एम.एल. मेहता की स्मृति में मंगलवार को 11वें एम.एल. मेहता मेमोरियल ओरेशन का आयोजन किया गया। एम.एल. मेहता फाउंडेशन ने HCMRIPA के सहयोग से बी.एस. मेहता ऑडिटोरियम में इस कार्यक्रम को आयोजित किया।
इस अवसर पर “एम.एल. मेहता की प्रशासनिक शैली” पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियां, विचारक और परिवर्तन लाने वाले लोग शामिल हुए, जो जरूरतमंद समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समर्पित हैं। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और मैनेजमेंट डेवलपमेंट एकेडमी, जयपुर के अध्यक्ष प्रो. रमेश के. अरोड़ा भी उपस्थित थे।
मैनेजमेंट डेवलपमेंट एकेडमी, जयपुर के अध्यक्ष प्रो. रमेश के. अरोड़ा ने कहा,
किसी व्यक्ति की आयु वर्षों से नहीं मापी जाती; उसके विचार, उसकी संवेदनशीलता और लोगों के आँसू पोंछने का उसका संकल्प ही उसे अमर बनाते हैं। मेहता साहब आज भी अपनी कर्मनिष्ठा, अपनी खुले दरवाज़ों वाली प्रशासनिक शैली और हर आम आदमी के चेहरे पर मुस्कान लाने की अपनी अदम्य इच्छा के कारण जीवित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उनके जीवन से यही सीख मिलती है कि प्रशासक पद से नहीं, बल्कि मानवीयता से महान बनता है—नीतियों से नहीं, बल्कि प्रेरणा से।
“मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट” के सिद्धांत पर जोर
प्रेसिडेंशियल ऑब्जर्वेशन देते हुए, राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने “मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट” के सिद्धांत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कम सरकारी हस्तक्षेप और लोगों को अधिक सुविधा प्रदान करना।
श्रीनिवास ने बताया कि आज सरकारी कामकाज तेजी से डिजिटल हो रहा है। सचिवालय में अधिकांश फाइलें अब ऑनलाइन चलती हैं, जिससे कार्य में गति, समय की बचत और गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छे डिजिटल सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जोड़ने से वह और अधिक स्मार्ट हो जाता है।
इससे सरकार का कामकाज और आसान, तेज़ और पारदर्शी बनता है। उन्होंने युवा छात्रों और शोधकर्ताओं से ऐसी तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया, जो सरकार के काम को बेहतर बना सकें और सीधे जनता को लाभ पहुंचा सकें।
होनहार स्टूडेंट्स को मेरिट-कम-नीड-बेस्ड स्कॉलरशिप दी गईं
इस मौके की अहमियत को और बढ़ाते हुए, होनहार स्टूडेंट्स को मेरिट-कम-नीड-बेस्ड स्कॉलरशिप दी गईं। कुल 13 स्टूडेंट्स को ₹10,000 की स्कॉलरशिप मिली, जबकि एक स्टूडेंट को ₹40,000 की फाइनेंशियल मदद दी गई। ये पहचान एम.एल. मेहता की वैल्यूज और टैलेंट को आगे बढ़ाने और पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए फाउंडेशन के लगातार कमिटमेंट के लंबे समय तक चलने वाले असर को दिखाती हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में रश्मि मेहता, राकेश मेहता, अजय मेहता के अलावा IIHMR से अशोक अग्रवाल और अनिल कुमार, सी एस राजन, गोविंदराज शर्मा, एसपीएस श्रीवास्तव, किशन लाल जैसे जाने-माने ब्यूरोक्रेट्स भी मौजूद थे।