हरियाणा के नए DGP ओपी सिंह का आज दूसरा पत्र:SP, DCP और CP को लिखा-दफ्तर से निकलें; गाड़ियों से उतरें, आमजन को तंग न करें

हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने आज दूसरा लेटर जारी किया है। इस लेटर में उन्होंने जिलों के एसपी, डीसीपी और सीपी को लिखा है। लेटर में उन्होंने लिखा है कि ये ध्यान देना होगा कि आम लोगों को पुलिस तंग न करे। इसके अलावा यदि ठग, चोर, मुंहजोर, बदमाश उनके पीछे पड़ जाए तो उससे उनका पीछा भी छुड़वाएं।

इस उन्होंने लेटर में राहत इंदौरी का एक शेर भी लिखा है, न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा हमारे पांव का कांटा हमीं से निकलेगा।

लेटर में क्या क्या कहा…

  • डीजीपी ने लिखा है कि उनकी समझ के अनुसार 90% लोग अपने काम से मतलब रखते हैं। वे बस इतना चाहते हैं कि पुलिस उन्हें बेवजह परेशान न करे और अगर कोई ठग-चोर उन्हें परेशान करे तो पुलिस उनकी मदद करे।
  • उन्होंने पुलिसिंग को फ्रिक्शन-फ्री रखने, चेकिंग को पिन-पॉइंटेड और सूचना आधारित करने, वेरिफिकेशन में सहयोगात्मक रवैया अपनाने और फुर्ती दिखाने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि थानों और चौकियों में आने वालों के लिए बैठने की जगह होनी चाहिए, जहां चाय-पानी और अखबार-मैगजीन उपलब्ध हों।
  • डीजीपी ने कहा कि 4-5% लोग गरीबी या मजबूरी के कारण अपराध में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को जेल भेजने के बजाय सरकारी योजनाओं से जोड़ने का सुझाव दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 2-3% लोग गुस्से में आकर किसी को थप्पड़ मार देते हैं, ऐसे लोगों को जेल भेजने का कोई मतलब नहीं है, बल्कि हीलिंग और रेकन्सिलीऐशन आजमाना चाहिए।
  • उन्होंने कहा कि जो 1-2% लोग ठगी और बदमाशी को धंधा बना चुके हैं, उन पर सारे कानून लागू किए जाएं, उनकी काली कमाई जब्त की जाए और जेल को उनका पक्का ठिकाना बनाया जाए।
  • डीजीपी ने बच्चियों, बहनों और माताओं को पूरा सम्मान देने और उनकी जरूरतों के हिसाब से पुलिसिंग को ढालने की बात कही है।

दफ्तर से निकलें, गाड़ियों से उतरें

लेटर के अंत में डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों से दफ्तरों से निकलने और लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को हल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पुलिस के अलावा कोई और तंत्र नहीं है और पुलिस ने लोगों के जीवन को सुगम बनाने और उन्हें सुरक्षित रखने का बीड़ा उठाया है, जिसे उन्हें पूरा करना चाहिए।

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