LPG किल्लत पर कांग्रेस का चूल्हे लेकर प्रदर्शन:MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप जैसी; गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है।

केरल में रसोई गैस की किल्लत से करीब 40% रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर है। इसी तरह का हाल मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में है।

उधर, दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने LPG सप्लाई की बिगड़ी स्थिति को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। विरोध जताने के लिए अपने साथ मिट्टी के चूल्हे लेकर आए थे।

मध्य प्रदेश: LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप जैसी…वेटिंग 7-8 दिन बढ़ी

मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप जैसी है। सर्वर डाउन होने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लोग सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ लगी हुई है।

इधर गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भोपाल में इसकी बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। वहीं 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने के कगार पर है।

होटल, रेस्टॉरेंट को 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला।

महाराष्ट्र: हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम और कमेटी

राज्य में LPG की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और कमेटियों का गठन किया है। वेस्ट एशिया संकट के चलते सप्लाई चेन बिगड़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल दिग्गीकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस की वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जाए।

केरल: 40 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

केरल में रसोई गैस की भारी किल्लत की वजह से करीब 40% रेस्टोरेंट बंद होने को मजबूर हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि कई रेस्टोरेंट कुकिंग के दूसरे तरीकों को अपनाने की स्थिति में नहीं हैं। इस संकट का असर सिर्फ रेस्टोरेंट पर ही नहीं, बल्कि कैटरर्स, हॉस्टल, कैंटीन और श्मशान घाटों पर भी पड़ा है।

  • केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (KHRA) के अध्यक्ष जी. जयपाल ने पीटीआई को बताया कि शुक्रवार तक राज्य के करीब 40% रेस्टोरेंट बंद हो जाएंगे।
  • केंद्र सरकार ने खाना पकाने के वैकल्पिक तरीके अपनाने की सलाह दी है, लेकिन KHRA का कहना है कि शहरी इलाकों में लकड़ी का इस्तेमाल मुमकिन नहीं है।

राजस्थान: रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेजा जा रहा

होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ में रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेज दिया है। सवाई माधोपुर में भी रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं।

जैसलमेर के सम में 150 रिसॉर्ट को बंद करने की तैयारी है। जयपुर में चाय की थड़ी, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर कॉमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने लगे हैं।

कोटा में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्ठी की मांग बढ़ गई है। मेस और हॉस्टलों के लिए 35 से 40 किलो वजन की भट्ठियां बनाई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश: ब्लैक में 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा सिलेंडर

लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है।

हरियाणा: लकड़ी के चूल्हे पर पकने लगा शादियों का खाना

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के चलते हरियाणा समेत पूरे भारत में गैस का संकट शादियों और ढाबों पर दिख रहा है। सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए सीमित कर दी है।

इंडक्शन: 1 महीने में 1.80 लाख बिकते थे, 1 दिन में ही 1.34 लाख बिके

LPG गैस की किल्लत की वजह से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन (इलेक्ट्रिक कुकटॉप) की मांग तेजी से बढ़ गई है। अमेजन पर एक ही दिन में करीब 1.34 लाख से अधिक इंडक्शन की बिक्री दर्ज की गई है। वैसे एक माह में करीब 1.80 लाख इंडक्शन बिकते हैं।

पिछले चार दिनों में अमेजन सहित अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को मिलाकर करीब 5 लाख इंडक्शन की ऑनलाइन बिक्री हुई है। अमेजन पर इंडक्शन बेचने वाली लगभग 100 कंपनियों में से 70 का स्टॉक खत्म है।

LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले

6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। इससे पहले बुकिंग को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं था।

9 मार्च: अचानक डिमांड बढ़ने की वजह से तेल कंपनियों ने शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया।

12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 20 दिन बढ़ाकर 45 दिन किया गया, ताकि सिलेंडर की सप्लाई मैनेज की जा सके।

55 दिन की बजाय 15 दिन में बुक करा रहे लोग

गांवों में औसतन एक परिवार सालभर में करीब 5 सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। ऐसे में जल्दी दोबारा बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी। हाल ही में देखा गया कि लोग अफवाहों की वजह से जरूरत न होने पर भी जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे।

मंत्रालय की ओर से बताया गया कि जो लोग पहले औसतन 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अचानक 15-15 दिनों के अंतर पर बुकिंग शुरू कर दी थी। इस तरह की एडवांस और जल्दबाजी में की जा रही बुकिंग से सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था।

फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हुए

गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने कहा कि LPG की किल्लत के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हो गए हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और इस सेक्टर से जुड़े दूसरे वर्कर्स की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है।

यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन की मांग है कि जोमैटो, स्विगी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होने वाले हर वर्कर को तुरंत 10,000 रुपए की राहत राशि दें। वर्कर्स की ID बंद करने पर 3 महीने की रोक लगे।

सरकार ने तैयारियों का लेखा-जोखा पेश किया

  • पेट्रोलियम, विदेश, शिपिंग और सूचना-प्रसारण मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया गया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन सप्लाई चैन पर युद्ध का साया मंडरा रहा है।
  • घरेलू एलपीजी उत्पादन जो कल तक 25% बढ़ा था, अब 28% तक बढ़ गया है। वहीं देशभर में लगभग 1 लाख पेट्रोल पंप चालू हैं। कहीं भी स्टॉक खत्म होने की खबर नहीं है।
  • रेस्टोरेंट्स और होटलों को एक महीने के लिए बायोमास, केरोसिन या कोयले के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है ताकि एलपीजी का इस्तेमाल केवल जरूरी सेक्टर के लिए हो सके।
  • शहरी इलाकों में लोग 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जमाखोरी न हो और सबको जरूरत के हिसाब से गैस मिल सके।

सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।”

उन्होंने कहा, “हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। राज्य सरकारों से लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है ताकि सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जा सके।”

सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए

1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।

2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।

3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे।

4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।

5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है।

सप्लाई संकट की 2 वजह

1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

2. प्लांट पर ड्रोन हमले से LNG का प्रोडक्शन रुका

पिछले हफ्ते अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में ईरान ने UAE, कतर, कुवैत और सऊदी जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।

ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने अपने LNG प्लांट का प्रोडक्शन रोक दिया है। इससे भारत में गैस की सप्लाई घट गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG (करीब 2.7 करोड़ टन सालाना) कतर से ही आयात करता है।

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