पटना में भाजपा का ‘जन आक्रोश मार्च’:सीएम सम्राट चौधरी ने कहा – जो महिलाओं को आंख दिखाएगा, उसे पाताल से खोज लाएंगे

सड़क पर उतरीं एनडीए की महिला नेता

राजधानी पटना की सड़कों पर सोमवार को नारी शक्ति का सैलाब उमड़ा। महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) पास न होने के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा ने पटना में विशाल ‘जन आक्रोश मार्च’ निकाला।

इस मार्च में एनडीए के सभी पांचों घटक दलों की महिला विधायक, विधान पार्षद और प्रमुख नेत्रियां शामिल हुईं। चिलचिलाती धूप में महिलाओं ने गांधी मैदान तक मार्च कर विपक्ष के खिलाफ हुंकार भरी। मार्च में शामिल महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “आपका भाई सम्राट चौधरी आपके साथ खड़ा है। जो भी महिलाओं को असुरक्षित करेगा, उसे पाताल से खोज निकालेंगे। बिहार में नारी शक्ति के सम्मान से कोई

समझौता नहीं होगा।” उन्होंने साफ किया कि जब तक विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण नहीं मिल जाता, यह ज्वाला शांत नहीं होगी। सीएम ने राजद सुप्रीमो लालू यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहता है। वे चाहते हैं कि पत्नी नेता प्रतिपक्ष बनें और बेटी सांसद, लेकिन उन्हें आम महिलाओं के हक की चिंता नहीं है। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि नारी सम्मान का यह संघर्ष जन-जन का आंदोलन बनेगा। नारी शक्ति का अपमान इंडी गठबंधन की पहचान बनेगा।

चेताया…नारी शक्ति के सम्मान से कोई समझौता नहीं

सड़क से मंच तक हुंकार : तख्तियां लेकर हजारों महिलाएं गांव-गांव तक संदेश पहुंचाने का संकल्प लेकर उतरीं। मायने : इससे निचले स्तर पर राजनीतिक जागरूकता आएगी और महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी। बेड़ियों में कैद महिला : प्रदर्शन में एक महिला ने खुद को जंजीरों में जकड़कर अनोखा विरोध जताया। मायने : यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन दर्शाता है कि आरक्षण के अभाव में महिलाओं की राजनीतिक आजादी आज भी बेड़ियों में है। एकजुटता : भाजपा, लोजपा (आर), हम, रालोमो की महिला नेताओं ने एक सुर में आवाज उठाई। मायने : महिला नेतृत्व का एक मंच पर आना यह संदेश देता है कि अब हक की लड़ाई कानूनी और जमीनी, दोनों स्तरों पर लड़ी जाएगी।

यह मार्च महिलाओं को एक बड़े वोट बैंक के रूप में एकजुट करने की रणनीति

लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह नीति-निर्माण की तस्वीर बदल देगा। जब महिलाएं खुद कानून बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगी, तो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी होगी। इससे समाज में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा और विकास की योजनाओं में महिलाओं की जरूरतों को प्राथमिकता मिलेगी। यह मार्च चुनावी साल में महिलाओं को एक बड़े वोट बैंक के रूप में एकजुट करने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा भी है।

महिला सुरक्षा व प्रतिनिधित्व ही अब सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा

बिहार की राजनीति में अब ‘साइलेंट वोटर’ यानी महिलाएं सबसे बड़ी ताकत बन चुकी हैं। सम्राट चौधरी का ‘भाई’ वाले संबोधन के जरिए भावनात्मक जुड़ाव बनाना और आरक्षण के मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाने का प्लान यह बताता है कि आने वाले चुनावों में महिला सुरक्षा और प्रतिनिधित्व ही सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। भाजपा इसे देश के कोने-कोने में ले जाएगी।

आज सीएम दिल्ली जाएंगे, पीएम मोदी से मिलेंगे : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को दिल्ली जा रहे हैं। उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का कार्यक्रम है। हालांकि, इस बारे में सीएम के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं हुई है। मुख्यमंत्री 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण करने के बाद पहली बार दिल्ली जा रहे हैं। इस दौरान वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।