केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा है कि जेनजी हमारे अपने बच्चे हैं और उनसे लगातार बातचीत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेनजी से कनेक्शन जोड़ने में सरकार या भाजपा की तरफ से कोई कमी नहीं है।
रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा- दीपके AAP कार्यकर्ता हैं, छात्र कैसे बन गए? रिजिजू ने कहा- कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सली पार्टी बनती जा रही है।
Gen-Z पर बोले- ये हमारे अपने बच्चे हैं
रिजिजू ने कहा, “वे हमारे अपने बच्चे हैं।” उन्होंने कहा कि युवाओं की बातें सुननी चाहिए और उन्हें सरकार का पक्ष भी समझाना चाहिए। युवाओं के साथ लगातार बातचीत जरूरी है।
दीपके पर बोले- AAP कार्यकर्ता हैं, छात्र कैसे बन गए?
अभिजीत दीपके का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा, “अभिजीत दीपके महाराष्ट्र से हैं, लेकिन वे AAP कार्यकर्ता हैं। वे छात्र कैसे बन गए?”
उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताएं सही हैं और उनसे बातचीत की जा सकती है, लेकिन राजनीतिक दलों का छात्रों के पीछे छिपकर अपनी राजनीति करना सही नहीं है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले- एक भी गंभीर चोट नहीं लगी
रिजिजू ने कहा, “जंतर-मंतर प्रदर्शन में हजारों लोग आए थे। पुलिस की कार्रवाई में एक भी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ। किसी की हड्डी नहीं टूटी और कोई प्रदर्शनकारी गंभीर चोट के साथ अस्पताल में भर्ती नहीं है।”
उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तभी रोका, जब वे जबरदस्ती संसद की ओर बढ़ने लगे।
राहुल गांधी पर बोले- LoP पद की गरिमा रखें
रिजिजू ने कहा, “मेरा राहुल गांधी से कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। हम मिलते हैं और बातचीत करते हैं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए काम करना चाहिए और उसी हिसाब से सदन में बोलना चाहिए।”
उन्होंने कांग्रेस पर संसद में हंगामा करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष को नारेबाजी के बजाय सदन में बहस करनी चाहिए।
‘कांग्रेस संसद का सामना करने से डर रही’
अमित शाह के बयान की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस संसद का सामना करने से डर गई है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस चर्चा से भागने के बहाने बना रही थी।”
‘दिमागी नक्सल’ पर बोले- कांग्रेस माओवादी पार्टी बनती जा रही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिमागी नक्सल’ बयान पर रिजिजू ने कहा, “एक तरह से कांग्रेस पार्टी खुद माओवादी और नक्सली संगठन जैसी बनती जा रही है।”
उन्होंने कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ उन लोगों के लिए है जो देश को बांटने, आर्टिकल 370 वापस लाने या नॉर्थ-ईस्ट को अलग करने जैसी बातें करते हैं।
मनमोहन सिंह के बयान का भी जिक्र
रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया था।
रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस को मनमोहन सिंह के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल के PM मोदी पर तंज को लेकर बोले- खुद हंसी का पात्र बने
राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं से मुलाकातों पर की गई टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन अंत में खुद ही हंसी का पात्र बन गए।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की इस तरह की टिप्पणी से उनकी अपनी छवि को नुकसान पहुंचा है।
संसद के मानसून सत्र पर बोले- नुकसान विपक्ष का हुआ
संसद के कामकाज पर रिजिजू ने कहा कि सदन नहीं चलने से सबसे ज्यादा नुकसान विपक्षी सांसदों का होता है।
उन्होंने कहा, “सरकार के पास बहुमत है, इसलिए बिल पास हो जाएंगे। लेकिन हम चाहते हैं कि हर बिल और हर मुद्दे पर चर्चा हो।”
राम मंदिर चंदे के मामले पर बोले- चर्चा के लिए तैयार थे
राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा, “हम चर्चा के लिए तैयार थे। लेकिन सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती।”
उन्होंने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन समेत दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा के लिए तैयार थी।
FCRA बिल पर बोले- JPC में जाने से सच सामने आएगा
FCRA संशोधन बिल को JPC में भेजे जाने पर रिजिजू ने कहा, “इसे JPC में भेजना बहुत अच्छा फैसला है। अब सच्चाई साफ सामने आएगी।”
उन्होंने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि FCRA कानून किसी खास धर्म को निशाना बनाता है।
डीलिमिटेशन बिल पर बोले- फैसला नेतृत्व करेगा
परिसीमन बिल पर रिजिजू ने कहा, “मीडिया में इसकी अटकलें चल रही हैं। बिल कब लाना है, इसका फैसला हमारा नेतृत्व पूरी चर्चा के बाद करेगा।”
BJP की नई टीम पर बोले- हर राज्य और क्षेत्र को जगह
BJP की नई राष्ट्रीय टीम पर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनुभवी नेताओं के साथ नए और ऊर्जावान चेहरों को भी जिम्मेदारी देते हैं।
उन्होंने कहा कि नई टीम में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिला है और इसमें अनुभव और युवा नेतृत्व का संतुलन है।