जालंधर के करतारपुर की लेक्चरर नेहा बस्सी की मौत मामले में आरोपी पति उमंग बस्सी की कथित प्रेमिका सतपाल कौर को अरेस्ट कर जांच अधिकारी बोधराज को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में अब आरोपी की प्रेमिका के पति विशाल शर्मा सामाने आए हैं। विशाल शर्मा ने इस मामले में कई खुलासे किए हैं।
हैदराबाद में साइबर सिक्योरिटी कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत विशाल ने बताया कि 11 साल पहले उन्होंने सतपाल कौर से लव मैरिज की थी। उनकी 9 साल की बेटी है। उन्होंने जालंधर में बने अपने करीब 1 करोड़ रुपए के मकान की रजिस्ट्री भी पत्नी के नाम कराई थी। करीब 6 महीने पहले उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी का उमंग बस्सी के साथ 3 सालों से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा था, जो कि उनका स्कूल फ्रेंड था।
विशाल के मुताबिक, जब उन्होंने पत्नी का मोबाइल जांचा तो 15 दिनों की 206 पेजों की वॉट्सऐप चैट सामने आई। इस चैट में उमंग बस्सी और सतपाल कौर आपस में प्लानिंग कर रहे थे कि वे अपने-अपने लाइफ पार्टनर (नेहा और विशाल) को या तो छोड़ दें या फिर रास्ते से हटा (मार) दें। घर में भी पत्नी के कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिली।
विशाल का कहना है कि वह जॉब के सिलसिले में हैदराबाद में दूर रहते थे, इसलिए बच गए, लेकिन उमंग बस्सी ने अपनी मां के साथ मिलकर अपनी पत्नी नेहा को टॉयलेट क्लीनर पिलाकर मौत के घाट उतार दिया।
पत्नी और उसके बायफ्रेंड ने जानलेवा हमला किया
विशाल शर्मा ने हैदराबाद से फोन पर बताया कि 3 फरवरी 2026 को जब वह अचानक घर पहुंचे, तो पत्नी घबरा गई। वह किसी से चैटिंग कर रही थी। जब उन्होंने मोबाइल छीनकर चैट देखनी चाही तो पत्नी ने उन पर हमला कर दिया और घर से भाग गई।
विशाल ने बताया कि बेटी के स्कूल (मेयर वर्ल्ड) के बाहर भी उमंग बस्सी ने उन पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला किया था, जिसकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद राजनीतिक दबाव के चलते कोई सुनवाई नहीं हुई। विशाल ने आरोप लगाया कि एक एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ने दो हंसते-खेलते परिवारों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और अब वह कानून के जरिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मामले में ससुर ने भी ये बातें बताईं
- बहू गलत कामों में शामिल: वहीं, पटियाला के रहने वाले सतपाल कौर के ससुर प्रद्युम्न कुमार नेहा बस्सी के अंतिम संस्कार में धूरी पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि हम बहुत परेशान हैं। हैदराबाद में मेहनत से नौकरी कर बेटा पैसा कमाकर भेजता रहा, लेकिन पीछे से बहू गलत कामों में शामिल रही। हमारी 9 साल की पोती है और इनकी भी 6 साल की बेटी है। इस चक्कर में दो मासूम बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया और तीन-तीन परिवार तबाह हो गए। हमारी मांग है कि बच्चों की कस्टडी सही हाथों में मिले, इनके बच्चे की कस्टडी इन्हें और हमारे बच्चे की कस्टडी हमारे बेटे को दी जाए।
- हमें किसी बात का डर नहीं: प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि बहू सतपाल कौर के पास काफी धन-संपत्ति है। हमारे उनके साथ 7 केस चल रहे हैं, जबकि उस लड़के उमंग बस्सी ने हम पर 36 झूठे केस दर्ज करवा रखे हैं। हालांकि, हमारे पास सभी पक्के सबूत मौजूद हैं और हमें किसी बात का डर नहीं है। हमने किसी से धोखा नहीं किया, बल्कि उस लड़की (सतपाल कौर) ने हमारे साथ बहुत बड़ा छल किया है।
- अपना घर चालाकी से अपने नाम करवा लिया: उन्होंने कहा- मेरे बेटे ने बड़े प्यार से अपना घर बनाया था, जिसे उसने (सतपाल कौर) चालाकी से अपने नाम करवा लिया। इसके बाद वह घर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर उस लड़के (उमंग बस्सी) को अंदर बुलाती थी और कैमरे बंद कर ही उसे बाहर निकालती थी। इस बात की जानकारी पूरे मोहल्ले के लोगों को भी थी।
- उमंग के पीछे आम आदमी पार्टी का नेता: यह सब किसकी शह पर हो रहा है, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। लोग कहते हैं कि उसे (उमंग बस्सी) राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और आम आदमी पार्टी का कोई नेता पीछे है, लेकिन हम पटियाला में रहते हैं, इसलिए हमें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। हमने प्रशासन के बजाय सीधे कानूनी रास्ता अपनाया है। उस बस्सी ने हमारे घर को जो नुकसान पहुंचाया है, उसके खिलाफ हमने पटियाला से डैमेज का केस दर्ज करवाया है।
जांच अधिकारी बोधराज सस्पेंड, कार्रवाई में देरी की
इस मामले में जांच अधिकारी बोधराज को सस्पेंड कर दिया गया है। 19 अगस्त को अस्पताल में भर्ती नेहा के मामले में उन्होंने 23 अगस्त तक कोई कार्रवाई नहीं की। 23 अगस्त को जब नेहा की मौत हो गई, मामला सार्वजनिक हुआ और जज भी अस्पताल से बयान लेकर चली जाती हैं, तब करतारपुर पुलिस हरकत में आई। आनन-फानन देर रात तक एक आरोपी महिला को हिरासत में लिया और फिर छोड़ दिया।
नेहा की भाभी दिव्या ने कहा कि उन्हें 20 अगस्त को ननद के सीरियस होने की सूचना दी गई। जालंधर आते ही वह करतारपुर थाने गईं। यहां शिकायत दी, लेकिन जांच अधिकारी बोधराज ने इसे रिसीव तक नहीं किया। दूसरी तरफ मरने से पहले नेहा ने अंतिम बयान में भी IO का नाम लिया। नेहा ने बताया था कि उसने कई बार थाना करतारपुर में पति के खिलाफ कंप्लेंट की, लेकिन AAP विधायक का साथी होने के चलते पुलिस ने उस पर कार्रवाई नहीं की।
नेहा का संस्कार, कार्रवाई न होने परिवार में गुस्सा, कैंडल मार्च निकाला
बता दें कि 23 अगस्त को जालंधर के फोर्टिस अस्पताल में महिला लेक्चरर नेहा बस्सी की मौत हो गई थी। इस मामले में उन्होंने जज को अपने अंतिम बयान दिए थे। परिवार का दावा है कि नेहा ने बताया था कि उसे उसके पति उमंग बस्सी, सास और पति की प्रेमिका सतपाल कौर ने टायलेट क्लीनर पिलाया है।
पति ने पहले पिस्टल से मारने की धमकी दी थी। बाद में उसे हार्पिक पिला दिया। नेहा का 25 अगस्त को धूरी में अंतिम संस्कार हो गया। परिवारवाले आरोपियों की अरेस्ट न होने से गुस्से में हैं। नेहा के इंसाफ के लिए उन्होंने धूरी में कैंडल मार्च भी निकाला। नेहा के भाई ने चेतावनी दी कि अगर आरोपी न पकड़े को सड़कों पर उतरेंगे और चक्का जाम करेंगे।