पंजाब में बिजली संकट, थर्मल प्लांटों के 3 यूनिट बंद:तलवंडी साबो, रोपड़-गोइंदवाल में उत्पादन ठप, डिमांड 16 हजार मेगावाट के पार

पंजाब में बिजली संकट गहराने लगा है। पर्याप्त मात्रा में कोयला न मिलने के कारण थर्मल प्लांट पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रहे हैं। वहीं, आज पंजाब के थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट पूरी तरह से बंद हैं। सबसे अहम बात यह है कि तलवंडी साबो के प्राइवेट थर्मल प्लांट का एक यूनिट भी आज पूरी तरह बंद है।

यूनिट बंद होने का कारण कोयले की कमी है या कोई अन्य तकनीकी समस्या, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। तलवंडी साबो में एक यूनिट बंद होने से पंजाब में कुल बिजली उत्पादन 4,800 मेगावाट से गिरकर 4,500 मेगावाट के आसपास आ गया है।

वहीं, राजपुरा स्थित प्राइवेट थर्मल प्लांट में कई दिनों से बिजली का उत्पादन क्षमता के आधे से भी कम हो रहा है। इसके अलावा, आज रोपड़ स्थित सरकारी थर्मल प्लांट का एक यूनिट और गोइंदवाल का एक यूनिट पूरी तरह से बंद है। गनीमत यह है कि आज बहुत दिनों बाद लहरा मोहब्बत का चौथा यूनिट भी शुरू कर दिया गया है।

पंजाब में आज बिजली उत्पादन के बारे में जानिए…

  • प्राइवेट थर्मल प्लांट: पंजाब में प्राइवेट थर्मल प्लांटों से बिजली उत्पादन की कुल क्षमता 3,380 मेगावाट है, जिसमें से 1,980 मेगावाट बिजली का उत्पादन तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के तीन यूनिटों में होता है। प्रत्येक यूनिट में 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इसमें से आज पहला यूनिट बंद है। 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन इस प्लांट में बंद है।
  • दूसरा प्राइवेट थर्मल प्लांट राजपुरा में: तलवंडी साबो में आज का कुल उत्पादन 1,191 मेगावाट है। वहीं, दूसरा प्राइवेट थर्मल प्लांट राजपुरा में है, जिसमें दो यूनिट हैं। इस प्लांट की कुल क्षमता 1,400 मेगावाट है। इसमें आज करीब 672 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो क्षमता के आधे से भी कम है।
  • सरकारी थर्मल प्लांटों की स्थिति: पंजाब में तीन सरकारी थर्मल प्लांट हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,300 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। रोपड़ थर्मल प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता 840 मेगावाट है। इसमें चार यूनिट हैं और एक यूनिट में कई दिनों से बिजली उत्पादन ठप है। आज रोपड़ में कुल 347 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
  • लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट में चारों यूनिट चल रहे: लहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट में कुल चार यूनिट हैं। आज चारों यूनिट चल रहे हैं। इसकी कुल क्षमता 920 मेगावाट है और आज यहां 805 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। गोइंदवाल में तीसरा सरकारी थर्मल प्लांट है, जिसमें दो यूनिट हैं। एक यूनिट में आज बिजली उत्पादन बंद है। इस प्लांट की कुल क्षमता 520 मेगावाट है और आज एक यूनिट में करीब 243 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
  • हाइड्रो प्रोजेक्ट: पंजाब में छोटे-बड़े हाइड्रो प्रोजेक्टों से आज 834 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। डैमों में पानी ज्यादा होने के कारण आजकल हाइड्रो प्रोजेक्टों से बिजली का उत्पादन अधिकतम हो रहा है। बिजली संकट को कम करने में हाइड्रो प्रोजेक्टों का इस समय अहम योगदान है।
  • सोलर प्रोजेक्ट: पंजाब में सोलर प्रोजेक्ट्स के जरिए दोपहर के समय 385 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि 17 मेगावाट बिजली का उत्पादन अन्य सोर्स से हो रहा है। रात के समय सोलर प्रोजेक्ट से बिजली का उत्पादन नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से रात के समय बिजली संकट ज्यादा गहरा रहा है।
  • केंद्रीय पूल: पंजाब में इन दिनों बिजली की डिमांड 16,000 मेगावाट के पार चल रही है। एक तरफ बिजली की डिमांड बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्पादन में कमी आ रही है। डिमांड और उत्पादन के गैप को कम करने के लिए पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड केंद्रीय पूल से बिजली ले रही है। आज पीएसपीसीएल केंद्रीय पूल से करीब 11,770 मेगावाट बिजली खरीद रही है। पीएसपीसीएल को केंद्रीय पूल से महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बिजली कट लग रहे हैं।