ट्रम्प अमेरिकी वयस्कों को ₹5-5 लाख देंगे:मिडटर्म इलेक्शन जिताने की शर्त; पाकिस्तानी इकोनॉमी से 3.3 गुना खर्च होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5000 डॉलर (करीब 4.76 लाख रुपए) दिए जाएंगे।

डलास में रिपब्लिकन कन्वेंशन में ट्रम्प ने कहा, ‘अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट दोनों में जीतते हैं तो आपको 5000 डॉलर मिलेंगे।’ उन्होंने इसे ‘ट्रम्प डिविडेंड’ नाम दिया और कहा कि यह अमेरिका की ‘आर्थिक ताकत और सफलता’ की वजह से दिया जाएगा।

ट्रम्प ने ये भी कहा कि डिविडेंड की रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, भुगतान का दायरा क्या होगा और रकम किस तरह बांटी जाएगी।

अमेरिका में करीब 26.98 करोड़ वयस्क हैं। अगर सभी को 5,000 डॉलर दिए जाएं तो कुल खर्च करीब 1.35 ट्रिलियन डॉलर यानी 128.25 लाख करोड़ रुपए होगा। यह रकम पाकिस्तान की पूरी अर्थव्यवस्था से करीब 3.3 गुना ज्यादा है। विश्व बैंक के 2025 के आंकड़े के मुताबिक पाकिस्तान की GDP करीब 407.3 अरब डॉलर यानी ₹38.69 लाख करोड़ है।

ट्रम्प की योजना पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च

हर बालिग अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने की योजना पर सरकार को 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका का सालाना बजट घाटा करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर है। इतनी बड़ी रकम बांटने से सरकारी घाटे और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पिछले महीने पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया।

उपराष्ट्रपति वेंस बोले- अमीरों को नहीं मिलेगा पैसा

ट्रम्प के ऐलान के करीब एक घंटे बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि डिविडेंड का लाभ अमीर लोगों को नहीं मिलेगा।

वेंस ने बताया कि इस भुगतान के लिए सरकार को मिलने वाले टैरिफ राजस्व का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, टैरिफ से मिलने वाली रकम 5,000 डॉलर प्रति बालिग के भुगतान की अनुमानित लागत से काफी कम है।

ट्रम्प पहले भी कर चुके हैं सीधे भुगतान का प्रस्ताव

ट्रम्प इससे पहले भी अमेरिकी नागरिकों को सीधे पैसा देने की बात कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2,000 डॉलर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा था। उस समय उन्होंने कहा था कि इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी नहीं होगी।

पिछले साल ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिकों को 1776 डॉलर का भुगतान किया था, जिसे उन्होंने ‘वॉरियर डिविडेंड’ कहा था।

मिडटर्म में रिपब्लिकन के सामने बहुमत बचाने की चुनौती

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है।

रिपब्लिकन इस बार प्रतिनिधि सभा में अपने बेहद मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सीनेट में भी पार्टी को चुनौती मिल रही है।

ट्रम्प अक्सर कहते रहे हैं कि आधुनिक दौर में राष्ट्रपति की पार्टी आमतौर पर मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस की सीटें गंवाती है। डलास में उन्होंने कहा कि वह इस परंपरा को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम इसे बदलने जा रहे हैं। ऐसा होने की कोई वजह नहीं है।”