गोंडा के व्यापारी की लखनऊ में इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर मौत हो गई। सूचना मिलते ही मंत्री संजय निषाद केजीएमयू पहुंच कर धरने पर बैठ गए। मंत्री संजय निषाद ने कहा- पुलिस हत्यारों को पकड़े या एनकाउंटर करे। इस दौरान संजय निषाद के साथ बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश साहनी भी मौजूद रहे।
दरअसल, गोंडा के परसपुर में बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी पर बुधवार देर रात धारदार हथियारों से हमला हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया था। आज दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई। गोंडा पुलिस मामले में अब तक 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे व्यापारी
बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी (45) परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव के रहने वाले थे। बुधवार रात करीब 8 बजे वह दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें 8 से 10 लोगों ने रोककर हमला कर दिया। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल विनोद को इलाज के लिए पहले परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जिसके बाद उन्हें लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया गया। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे इलाज के दौरान विनोद की मौत हो गई।
मंत्री निषाद बोले- गोंडा एसपी ऑफिस का घिराव घेरेंगे
विनोद की मौत की जानकारी मिलते ही मंत्री डॉ. संजय निषाद लखनऊ केजीएमयू के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। यहां व्यापारी के परिजनों से मुलाकात कर संभव मदद का भरोसा दिया। संजय निषाद ने परसपुर थानाध्यक्ष, शाहपुर चौकी प्रभारी समेत संबंधित स्टाफ को बर्खास्त करने की मांग की।
मंत्री निषाद ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो 11 सितंबर को गोंडा में एसपी आवास और कार्यालय का घेराव किया जाएगा। दोषियों को भी तुरंत पकड़ा जाए, नहीं तो उनका एनकाउंटर किया जाए। अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।
संजय निषाद बोले- परिवार को एक करोड़ का मुआवजा मिले
संजय निषाद ने सुरक्षा देने में नाकाम रहे थानाध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। कहा- पीड़ित परिवार को तुरंत सुरक्षा दिलाई जाए। परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी और 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
मंत्री निषाद ने कहा कि व्यापारी विनोद निषाद पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता और उनके संरक्षक थे। जब तक आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक निषाद पार्टी प्रशासन के खिलाफ धरना और आंदोलन जारी रखेगी।