दस साल की बच्ची की हत्या–आधे कपड़ों में मिली लाश:पिता बोले–रेप कर मार दिया, खून से लथपथ पड़ी थी मेरी बेटी, दरिंदे ने नोंच डाला

‘मेरी बच्ची शाम 4 बजे खाना खाकर खेत गई थी। एक घंटे बाद भी वापस नहीं लौटी तो हमलोग उसे खोजने खेत पहुंचे। वहां बच्ची खून से लथपथ स्थिति में बेसुध पड़ी थी। गले में हसुआ गोदा हुआ था। आरोपी कामो सिंह दूर से खड़ा होकर यह सब देख रहा था। हमलोगों ने उसकी ओर देखा तो वह फरार हो गया। बच्ची के शरीर के नीचे के हिस्से पर कपड़ा नहीं था। रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई।’

इतना कहते-कहते नाबालिग बच्ची के पिता फूट-फूटकर रोने लगे। फिर अपने हाथ दिखाते हुए कहा, ‘मेरी बेटी के गले में हसुआ घोंप दिया गया था। मैंने अपने इन्हीं हाथों से उसे निकाला।’

दरअसल, पटना के बाढ़ के बेलछी के लाखाचक गांव में 10 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई। परिजन ने आरोप लगाया कि बेटी के साथ पहले रेप किया गया फिर उसे मार दिया गया।

सबसे पहले जानिए पूरी घटना

पिता के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे बच्ची स्कूल गई थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह मध्याह्न भोजन के बाद घर लौट आई। घर पहुंचने के बाद उसने रोज की तरह घरेलू कामकाज में परिजन का सहयोग किया। शाम करीब 4:30 बजे रोज की तरह घास काटने हसुआ लेकर खेत की ओर चली गई।

पिता ने बताया, ‘काफी देर बाद भी बेटी नहीं लौटी तो हमलोगों को चिंता हुई। हमने उसकी तलाश शुरू की। पहले तो इधर, उधर खोजा फिर खेत पहुंचे तो धान के खेत में वह खून से लथपथ पड़ी थी। गले में लगभग 10 इंच का हसुआ गोदा हुआ था।’

‘हमें लगा कि अभी जिंदा हो सकती है। तुरंत उसकी गर्दन से हसुआ निकाला और पुलिस को सूचना दी। जल्दी से उसे लेकर बाढ़ अनुमंडल अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।’

जानिए किस हालत में मिली थी नाबालिग

लड़की की जांच करने वाले डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया, ‘नाबालिग के शरीर पर खरोंच के कुछ निशान थे। गले में 10 इंच तक हंसुआ गोदा हुआ था। अस्पताल लाए जाने के समय उसकी हालत बहुत गंभीर थी। जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।’

‘ऊपर कपड़े पहने थे, लेकिन नीच के कपड़े नहीं थे। गर्दन से खून की धार बह रही थी। मुख्य सांस की नली कटी हुई थी। इसके चलते लड़की सांस नहीं ले पाई और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पीड़िता के कपड़े सील कर दिए हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया हसुआ भी बरामद कर लिया गया है।’

क्राइम सीन घर से करीब 500 मीटर दूर

जिस खेत में बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी वह आरोपी कामो सिंह का है। बच्ची स्कूल ड्रेस में ही अपने खेत में घास काटने गई थी। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर उसके खेत के ठीक सामने आरोपी का खेत है। लड़की स्कूल ड्रेस में ही पड़ी थी। आसपास खून भी फैला हुआ था।

गले पर बायीं तरफ मिला डेढ़ इंच का जख्म

लड़की को सबसे पहले देखने वाले डॉ. दिलीप कुमार ने बताया, ‘बच्ची की बाएं तरफ गले पर करीब एक से डेढ़ इंच का जख्म मिला है। शरीर पर जबरदस्ती किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि, दुष्कर्म के संबंध में अंतिम चिकित्सकीय राय देना संभव नहीं है।

बाढ़ अनुमंडल अस्पताल के डिप्टी सुपरीटेंडेंट डॉ विनय कुमार ने बताया, ‘इस मामले में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। मेडिकल बोर्ड में शामिल सभी डॉक्टर घटना की अलग-अलग विस्तार से जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे।’

आरोपी ने कबूल की हत्या की बात

परिजनों ने पुलिस को दिए लिखित आवेदन में गांव के कामो सिंह (38) पर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। खेत के आसपास मौजूद आरोपी ने छात्रा को अकेला देखकर उसके साथ जबरदस्ती की। विरोध करने और शोर मचाने पर उसका हसुआ उसी के गले में गोद दिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी कामो सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने छात्रा की हत्या की बात कबूल ली है, लेकिन दुष्कर्म की बात से इनकार किया है।

बेलछी थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि गांव के लोगों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी थोड़ा साइको टाइप है। लड़की के प्रति उसका नजरिया ठीक नहीं था। पुलिस अब दुष्कर्म के आरोप से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटा रही है।

मामले को स्पीडी ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया जाएगा

बाढ़ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आयुष श्रीवास्तव ने बताया, घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए हसुआ समेत अन्य महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके। पुलिस का प्रयास है कि जांच जल्द पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया जाए और मामले को स्पीडी ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया जा सके।

गांव के लोगों ने बताया कि लड़की मध्य विद्यालय में पढ़ती थी। शिक्षकों के अनुसार वह मेहनती और मेधावी थी। स्कूल की विभिन्न गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेती थी। नियमित रूप से स्कूल जाती थी। परिजन के अनुसार पांच भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर पर थी। पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामकाज में सहयोग करती थी।

शव को सड़क पर रखकर 6 घंटे रोड जाम किया

घटना वाले दिन आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-30A 7 घंटे तक सड़क जाम रखा था। ग्रामीण घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे।