अमेरिका की बड़ी मेडिकल जांच कंपनियों में शामिल क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स पर साइबर हमला हुआ है। इस हमले में हैकरों ने मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट और उनकी निजी जानकारी तक पहुंच बना ली।
अभी तक क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स ने यह नहीं बताया है कि साइबर हमले से कितने मरीज प्रभावित हुए हैं। कंपनी के मुताबिक, कितने मरीजों की जानकारी तक पहुंच बनाई गई और कौन-कौन से रिकॉर्ड प्रभावित हुए, इसकी जांच जारी है।
कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। साइबर सुरक्षा पर नजर रखने वाली कंपनी कंपैरीटेक के मुताबिक, सितंबर 2026 तक दुनियाभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों पर साइबर हमलों के 716 मामले सामने आए। इनमें से 410 हमले अकेले अमेरिका में हुए।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स का ऑनलाइन सिस्टम हैक हुआ
कंपनी के मुताबिक, हैकिंग का असर उसके क्वानम लैब सर्विसेज मैनेजर (LSM) सिस्टम पर पड़ा। इस ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल कुछ ग्राहक लैब टेस्ट बुक करने, जांच के नतीजे देखने और रिपोर्ट हासिल करने के लिए करते हैं।
हमले का पता चलते ही कंपनी ने इस सिस्टम का इस्तेमाल रोक दिया। कंपनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और इसके लिए संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।
कंपनी के मुताबिक, इस हमले से उसका रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है। डॉक्टर और अस्पताल पहले की तरह लैब जांच के लिए सैंपल भेज सकते हैं। इसके लिए वे कंपनी के लैब सिस्टम या इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (ईएमआर) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कंपनी ने कहा कि वह मरीजों की निजी जानकारी की सुरक्षा को गंभीरता से लेती है। फिलहाल प्रभावित सिस्टम को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने की कोशिश की जा रही है।
मरीजों की कौन-सी जानकारी प्रभावित हुई?
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के मुताबिक, उस ऑनलाइन सिस्टम में मौजूद कुछ मरीजों के डेटा तक बिना इजाजत पहुंच बनाई गई। हालांकि, कंपनी के दूसरे सिस्टम प्रभावित नहीं हुए।
कंपनी ने बताया कि इस घटना में मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और पहचान से जुड़ी निजी जानकारी तक पहुंच बनाई गई। लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि कौन-सी खास जानकारी देखी गई या प्रभावित हुई।
कंपनी जांच कर रही है कि कितने डेटा तक पहुंच बनाई गई थी। उसने कहा कि कानून के तहत जिन लोगों को इस घटना की जानकारी देना जरूरी होगा, उन्हें सूचित किया जाएगा।
अमेरिका में जुलाई-सितंबर के बीच 185 हमले हुए
साइबर सुरक्षा रिसर्च कंपनी कंपैरीटेक की रिपोर्ट के मुताबिक, हैल्थसेक्टर में इस साल जनवरी से जून के बीच दुनियाभर में 410 साइबर हमले और अमेरिका में 225 हमले दर्ज किए गए। जुलाई से सितंबर के बीच दुनियाभर में 306 और अमेरिका में 185 हमले सामने आए।
इन हमलों में हैकर किसी कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क का डेटा लॉक कर देते हैं या उसे चुरा लेते हैं। इसके बाद डेटा वापस करने या सिस्टम खोलने के बदले फिरौती मांगी जा सकती है। हालांकि, हर साइबर हमले में फिरौती मांगी जाए यह जरूरी नहीं है।
अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग (HHS) के रिकॉर्ड के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक कम से कम 500 लोगों को प्रभावित करने वाली डेटा लीक की 571 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इनमें 485 घटनाएं हैकिंग या IT सिस्टम से जुड़ी थीं। इन घटनाओं से करीब 7.67 करोड़ लोगों की जानकारी प्रभावित हुई थी।
क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स का पहले भी डेटा लीक हो चुका
न्यू जर्सी में स्थित क्वेस्ट डायग्नोस्टिक्स के साथ पहले भी मरीजों की जानकारी लीक होने की घटनाएं हो चुकी हैं।
साल 2016 में कंपनी ने बताया था कि डेटा लीक की एक घटना में करीब 34 हजार लोगों की जानकारी प्रभावित हुई थी। इसमें लैब जांच के नतीजे और संपर्क से जुड़ी जानकारी शामिल थी।
इसके बाद 2019 में कंपनी के करीब 1.19 करोड़ मरीजों की निजी जानकारी प्रभावित हुई थी।