सीएम मान को पाकिस्तान से मिला आधिकारिक निमंत्रण:सम्मेलन में जाने की जता चुके इच्छा; पाकिस्तानी मंत्री ने वीडियो जारी किया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब विधानसभा के सभी सदस्यों को पाकिस्तान आने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। प्रांतीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने दिया है।

यह न्योता मुख्यमंत्री मान द्वारा हाल ही में पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान लाहौर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करने के बाद आया है।

अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आपसी भाईचारे के संबंधों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अरोड़ा ने कहा कि उनके विधानसभा स्पीकर के साथ अच्छे संबंध हैं। वे भी पाकिस्तान आने के इच्छुक रहे हैं। इसलिए वे पूरे दिल से सारे विधानसभा सदस्यों की मेजबानी करेंगे।

अरोड़ा बोले-सरदार भगवंत सिंह मान को सलाम

पाकिस्तान के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से निमंत्रण देते हुए कहा कि सरदार भगवंत सिंह मान, हम आपको सलाम करते हैं। आपने विधानसभा के पटल पर यह कहा था कि आप पाकिस्तान की यात्रा करना चाहते हैं। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रूप में PSGPC की ओर से और पाकिस्तान व पंजाब के एक नागरिक के रूप में, मैं आपको और पूरी पंजाब विधानसभा को आमंत्रित करता हूं।

रमेश सिंह अरोड़ा ने पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते पाकिस्तान आने के इच्छुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय विधायक न केवल गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर आएं, बल्कि अन्य धर्मों के ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा करें।

सीएम मान ने केंद्र सरकार पर कसा था तंज

बता दें, 23 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान को 27 से 29 नवंबर तक लाहौर में आयोजित होने वाले चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में शामिल होने का न्योता मिला था। यह निमंत्रण प्रसिद्ध पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नजमी (बाबा नजमी) और ‘पंजाबी प्रचार संगठन’ द्वारा भेजा गया था।

सदन में इस निमंत्रण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तंज कसा था और यात्रा की अनुमति मिलने पर संदेह जताया था। उन्होंने कहा था कि “ये लोग तो मुझे फ्रांस या जापान जाने की अनुमति भी नहीं देते, भला मुझे पाकिस्तान जाने की अनुमति कैसे देंगे?”

इसके साथ ही भगवंत मान ने यह सुझाव भी दिया था कि यदि केंद्र सरकार से राजनीतिक और सुरक्षा क्लीयरेंस मिल जाती है, तो पूरा पंजाब सदन एक साथ करतारपुर साहिब कॉरिडोर के रास्ते जाकर पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन कर सकता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत सरकार का विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय इस विदेश यात्रा के लिए आवश्यक राजनीतिक मंजूरी प्रदान करता है या नहीं।