सहारनपुर में जमीयत दावतुल मुस्लीमीन के संरक्षक और देवबंदी आलिम मौलाना कारी इसहाक गोरा ने शादियों में बढ़ते दिखावे पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा- लोग सोशल मीडिया देखकर पाकिस्तानी शादी कल्चर की नकल कर रहे हैं। यह समाज के लिए ठीक नहीं है।
मौलाना गोरा ने कहा- इस्लाम में निकाह को सादा, आसान और बरकत वाला अमल माना गया है। लेकिन आज इसे दिखावे और फिजूलखर्ची का जरिया बना दिया गया है। महंगे फंक्शन, अनावश्यक रस्में और तड़क-भड़क वाली सजावट का इस्लामी शिक्षाओं से कोई संबंध नहीं है।
सोशल मीडिया से बढ़ रहा दिखावा
सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली पाकिस्तानी शादियों की चमक-दमक से लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसी वजह से समाज में दिखावे का चलन बढ़ता जा रहा है। मौलाना ने कहा कि हर चमकदार चीज सही नहीं होती, इसलिए लोगों को सोच-समझकर परंपराएं अपनानी चाहिए।
पहले भी जता चुके हैं आपत्ति
मौलाना ने बताया कि वह पहले भी पाकिस्तानी धारावाहिकों पर आपत्ति जता चुके हैं। उनके अनुसार इन धारावाहिकों के प्रभाव से तलाक और खुला जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, जो समाज की नींव को कमजोर कर रहा है।
बुधवार को जारी वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि लोग इस्लामी शिक्षाओं से दूर होते जा रहे हैं। शादियों को आसान बनाने के बजाय उन्हें बोझ बना लिया गया है। उन्होंने अपील की कि मुसलमान शादियों को सादगी, मर्यादा और धार्मिक नियमों के अनुसार करें, ताकि यह रिश्ता रहमत और बरकत का माध्यम बने।
मौलाना के इस बयान के बाद समाज में शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और बाहरी संस्कृति की नकल को लेकर बहस तेज हो गई है।